संग्रहण केंद्र बनाने की तैयारी में प्रशासन, किसी भी मिलर्स के साथ नहीं हुआ अब तक अनुबंध….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  धान खरीदी केंद्रों में धान की बोरियां धीरे-धीरे बढ़ रही है। दिसंबर के पहले हफ्ते से किसान बड़ी संख्या में धान की बोरियां लेकर पहुंचेंगे। इस स्थिति में धान का उठाव जरूरी होगा मगर अभी तक जिला प्रशासन की ओर से किसी भी मिलर्स के साथ अनुबंध नहीं हुआ है। इसे लेकर प्रशासन परेशान है।

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चर्चा है कि विभाग की ओर से जल्द ही उरगा क्षेत्र में एक संग्रहण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सोसाइटियों से धान की बोरियों को लाकर रखा जाएगा और यही से मिलर्स अनुबंध होने के बाद धान दिया जाएगा। जिले के 65 धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों से धान की खरीदी की जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने से किसानों में हर्ष व्याप्त है। धान खरीदी केंद्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों की उपज खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन वितरण, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से तौलाई, शीघ्रता से भुगतान आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। जिले में 55 हजार से अधिक किसान धान विक्रय के लिए पंजीकृत है। जिले में अब तक 67 हजार 199.60 क्विंटल गुणवत्तायुक्त धान पंजीकृत किसानों से खरीदी की गई है। इधर समय के साथ खरीदी केंद्रों पर धान लेकर पहुंचने वाले किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। इससे किसानों खुश हैं। हालांकि अभी प्रति क्विंटल धान बेचने पर किसानों को 2300 रुपए मिल रहा है। शेष राशि का भुगतान प्रदेश सरकार अलग से करेगी।

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