श्रेष्ठ वही है जो आध्यात्मिक रूप से धनवान है, न कि भौतिक रूप सेधनवान-पंडित सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा अंचल के दिनदयाल मार्केट के अंदर संचालित पीली कोठी में डॉ. पंडित सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी ने एक पत्रकारवार्ता ली। वे यहां दर्शन परिवार एम.पी. नगर कोरबा द्वारा आयोजित 24 दिसंबर से 30 दिसंबर तक श्रीमद् भागवत कथा में मुख्य ब्यास/कथा वाचक के रूप में उपस्थित होकर श्रद्धा और आध्यत्म की गंगा बहा रहे हैं।

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पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “आध्यात्म उन्हें विरासत में मिली है और वे अपने पिता चैतन्य गोस्वामी से किशोरवय अवस्था में ही दीक्षा लेकर देश-विदेश तक लोगों को सहजता का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना व्यवसायिक चिंतन के आध्यात्म एवं सनातन धर्म तथा हमारी विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वे छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में ही जन्म लेकर देश-विदेश तक भगवत गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सुख-दुख हमारे जीवन के अतिथि की तरह हैं, जो आते जाते रहते हैं। सुख-दुख को एक दूसरे को बांटते रहना चाहिए, इससे मन में सहज भाव पुष्ट होता है। वे मनुष्य को सहज बनाने के लिए उपदेश देते फिर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानव वही श्रेष्ठ है जो आध्यात्मिक रूप से धनवान है, न कि भौतिक रूप से धनवान व्यक्ति। भक्ति में ही उत्सव है और जीवन में सदैव उत्सव मनाते रहना चाहिए, यही जीवन का सार है। उन्होंने पत्रकारों के पूछे सवाल को सहज ढंग से जवाब दिया। इस अवसर पर दर्शन परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

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