गेवरा खदान में 25 फरवरी से 30 मार्च तक क्रमबद्ध हड़ताल की करी गयी घोषणा……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. कोयला खदान भू-विस्थापन प्रभावित नरईबोध, भस्माखार एवं अन्य ग्रामों की समस्याओं व समस्त मांगों का निराकरण नहीं होने पर 25 फरवरी से 30 मार्च तक गेवरा खदान बंद आंदोलन की सूचना मुख्य महाप्रबंधक, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र को दी गई है। आरोप हैं की विस्थापन प्रभावित ग्राम नरईबोध, भस्माखार एवं अन्य ग्रामों की समस्याओं के संबंध में गेवरा परियोजना के ‌द्वारा अब तक किसी भी प्रकार की सुविधा अथवा मांग पर कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई है, जबकि पूर्व में की गई हड़ताल के उपरांत 15 दिन के अंदर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया था। गेवरा परियोजना के द्वारा आश्वासन के अतिरिक्त और कोई भी कार्य नहीं किए गए जो कि निंदनीय है। वैकल्पिक रोजगार, ब्लास्टिंग, पानी, ड्रम और स्ट्रीट लाइट इन छोटी-छोटी मांगों के लिए कई साल से हड़ताल किए जा रहे हैं।

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गेवरा परियोजना के एरिया जीएम, प्रोजेक्ट जीएम, L&R अधिकारी इनके साथ कई बार कार्यालय में बैठक की गयी, किंतु बैठक पश्चात अभी तक झूठा आश्वासन देने के सिवाय कोई भी कार्य नहीं किया गया है। इसी प्रकार की छोटी-छोटी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है तो कैसे सोच लें की एसईसीएल गेवरा परियोजना बसाहट, मुआवजा, रोजगार जैसे बड़ी मांगें दे पाएगी? अर्जन के पश्चात विकास का नामोनिशान देखने को नहीं मिला, चारों तरफ केवल भष्टाचार और विनाश दिखाई दे रहा है।

इसी कारण हड़ताल की सूचना देकर पुनः प्रबन्धन का ध्यानाकर्षण कराया जा रहा है लेकिन विस्थापन प्रभावित ग्रामों की समस्याओं के निराकरण के प्रति एसईसीएल प्रबंधन गंभीरता से काम नहीं कर रहा है। समस्त ग्रामवासी नरईबोध, भस्माखार के ग्रामीणों ने कहा है कि इस कारण हड़ताल हेतु हम विवश हैं और इस बार क्रमबद्ध हड़ताल की जाएगी। 25 फरवरी को हड़ताल के पश्चात सकारात्मक पहल नहीं किए जाने पर 28 फरवरी के अलावा मार्च माह की 02, 05, 08, 12, 15, 20, 24, 26, 28 व 30 मार्च को ऐसे ही क्रमबद्ध हड़ताल कर संपूर्ण गेवरा खदान बंद की जाएगी, अथवा 02 मार्च व 05 मार्च को भस्मखार में बने साइलो को बंद कराकर हड़ताल किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी गेवरा प्रबंधन की होगी।

सीएमडी को किया ई-मेल

भू-विस्थापित लोगों ने सीएमडी को ई-मेल कर कहा है कि “मुख्य महाप्रबंधक आपसे विनम्र निवेदन है कि छोटी-छोटी मांगों को लेकर ग्रामीण हड़ताल के लिए मजबूर हैं जिसके लिए शासन, प्रशासन, महाप्रबंधक सबको सूचना बार-बार दिए जाने के बावजूद अभी तक सकारात्मक पहल नहीं हुई है, आपसे निवेदन करते हैं कि हमारी मांगों को ध्यान में रखकर कार्यवाही हेतु निर्णय लिया जाए ताकि आगामी दिनों में होने वाले हड़ताल को स्थगित किया जा सके ताकि उत्खनन कार्य प्रभावित न हो, अन्यथा ग्रामीण उत्खनन को बाधित करने हेतु मजबूर हैं, क्योंकि हमारी वैकल्पिक मांगे रोजगार, पानी, हैवी ब्लास्टिंग, ड्रम और स्ट्रीट लाइट के लिए है, जिसके लिए हर बार गेवरा जीएम, प्रोजेक्ट जीएम ,L&R अधिकारी के द्वारा झूठा आश्वासन देकर ग्रामीणों को गुमराह करते हैं इसलिए हमें आपकी मदद की आवश्यकता है।”

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