NOW HINDUSTAN. कोरबा शहर के सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रमोद डडसेना ने अपनी तेजतर्रार कार्यवाही महज चार दिनों के अंदर 9 लाख रुपये के जेवर और नकदी बरामद कर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी हैं। इस सफलता के पश्चात पीड़ित परिवार की बुजुर्ग माता इतनी भावुक हो गईं कि खुशी के आंसुओं के साथ टीआई प्रमोद डडसेना को गले लगा लिया।
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उक्त घटित घटना 25-26 फरवरी के दरमियानी रात की है, जब रिसदी बस्ती निवासी राठौर परिवार उपचार हेतु रायपुर गए थे। परिवार के मुखिया राजपति सिंह राठौर के हृदयाघात की खबर मिलते ही पूरा परिवार उन्हें बचाने के लिए भागा, लेकिन चोरों ने इस मौके को लूट का अवसर बना लिया। पहले फेरी वाला बनकर घर की रेकी की और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। बताया जा रहा हैं की चोरों ने घर का ताला तोड़ने के लिए गैती का उपयोग किया।
चार दिन के अंदर ही टीआई प्रमोद डडसेना की रणनीति काम आई और चारों कथित शातिर चोर गिरफ्तार कर लिए गए। पहले चोर वारदात को कबूलने तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस की कूटनीतिज्ञ तकनीक के आगे टूटे चोरों ने न केवल वारदात करना स्वीकार किया बल्कि 98 फीसदी चोरी गए माल को बरामद करा दिया। टीआई का मुखबिर नेटवर्क भी इस दौरान बड़ा कमाल का रहा जैसे ही आरोपी गहने बेचने निकले पुलिस को खबर मिल गई, लेकिन पुलिस पहुंचती इसके पहले ही कथित आरोपी मौके से निकल गए। इसके बाद कैमरे में दिखी बाइक के आधार पर तलाश शुरू की गई लेकिन बिना नंबर प्लेट की बाइक को तलाशना आसान नहीं था। कथित आरोपियों के गिरेबान तक जब पुलिस के हाथ पहुंचे फिर एक-एक कर राज खुलता गया। तद्पश्चात चोरी के मास्टरमाइंड सहित माल बेचने में सहयोग करने वाला अन्य अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 331 (4), 305 (ए), 112 (2), 317 (2) के तहत जुर्म दर्ज कर उन्हें मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी न्यायालय में पेश किया गया। जहां से आरोपियों को जमानत के अभाव में न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक प्रमोद डडसेना, सहायक उप निरीक्षक दुर्गेश राठौर, तरुण जायसवाल, अश्विनी निरंकारी, आरक्षक जितेन सोनी, योगेश राजपूत, संजय चंद्रा, संदीप भगत, धर्मेंद्र यादव, चंद्रकांत गुप्ता आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

