NOW HINDUSTAN. Korba. कोरबा जिले का अधिकांश हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है। यही वजह है कि वन अधिकार पट्टे के नाम पर जंगलो की कटाई की जा रही है । हम बात कर रहे है जिले के रूमगरा ऊपरपारा जंगल बितलोड़ के पास वन विभाग की भूमि पर तेजी से अवैध कब्जा बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वन मंडल अधिकारी से मुलाकात कर इस गंभीर मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराई और लिखित पत्र भी सौंपा। उन्होंने मांग की कि अवैध कब्जाधारियों को तत्काल रोका जाए और वन भूमि को संरक्षित किया जाए।
- Advertisement -
वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने की उठी मांग
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है और व्यवसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस पर वन विभाग को तुरंत हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने वन मंडल अधिकारी को सौंपे गए पत्र में कहा कि अगर इस अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में जंगलों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग की जमीन का सीमांकन किया जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में अवैध कब्जा हो रहा है।
राखड ईट निर्माण फैक्ट्री को लेकर भी जताई आपत्ति
शिकायत में ग्रामीणों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में एक राखड ईट निर्माण फैक्ट्री स्थापित की गई है, लेकिन वह अपनी निजी भूमि के बजाय वन विभाग की जमीन पर कार्य कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे इलाके की जांच होनी चाहिए और यदि वन भूमि पर अवैध रूप से इस फैक्ट्री का संचालन हो रहा है, तो उसे तुरंत हटाया जाए।
“शासन-प्रशासन को तुरंत कदम उठाने की जरूरत” – ग्रामीण
वन भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण से नाराज ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग को इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि वनों को बचाया जा सके। उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि वन भूमि पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए।
वन मंडल अधिकारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई करने और अवैध कब्जाधारियों पर सख्त कदम उठाने की अपील की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और वन भूमि की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।

