वर्षों से बंद पड़ी घंटाघर की घड़ी शुरू करने की……. जा रही कवायद

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा अंचल अंतर्गत निहारिका क्षेत्र के ऐतिहासिक घंटाघर चौक में स्थित घड़ी पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी थी, जिससे न केवल शहर का विकास ठप्प पड़ा हुआ प्रतीत हो रहा था, बल्कि यह वास्तुदोष का कारण भी माना जा रहा था। कोरबा नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने पद संभालने के बाद इस घड़ी को फिर से चालू करने कवायद शुरू कर दी हैं। बुजुर्गों के अनुसार बंद घड़ी अपशगुन मानी जाती है और इसे हटा कर नई घड़ी लगाने से घर में समृद्धि और शांति आती है। ठीक वैसे ही घंटाघर की बंद घड़ी को फिर से चालू करने से शहर के विकास की गति में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही हैं।

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बताया जा रहा हैं की पहले घंटाघर की घड़ी के पुर्जे खराब हो गए थे और बाद में इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां भी मौसम के प्रभाव से खराब हो गईं। अब नई घड़ी लगने से न केवल लोग समय का सही अनुमान लगा सकेंगे, बल्कि यह शहर में विकास की नई राह खोलने का प्रतीक बनेगी।

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