NOW HINDUSTAN. Korba. छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा में प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शनिवार को कोरबा में एक समय हवा में पीएम 10 का स्तर 500 नापा गया हैं। हाल के दिनों में पॉलुशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा दर्ज किया गया यह सबसे ज्यादा प्रदूषण बताया जा रहा हैं। सयंत्रो की चिमनी से बड़ी मात्रा में राख निकलकर शहर के आसपास फैल रहा है। साथ ही खदानों से भी प्रदूषण फैल रहा है। और सबसे बड़ी समस्या राखड़ बांध से है गर्मी में बांध में पानी का छिड़काव नही होने से भी राख उड़कर शहर और आसपास फैल रही है । जगह जगह राखड़ को डंप किया जा रहा है ये भी कम प्रदूषण नही फैला रहा है।
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जानकारी के अनुसार कोरबा शहर में प्रदूषण की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर हो रही है। लेकिन क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय और इससे जुडे़ अधिकारी अपने दायित्वों को नहीं निभा पा रहे हैं। एसी कमरे में बैठकर अधिकारी प्रदूषण की निगरानी कर रहे हैं। नेता वही अपने वादे कर भील बैठा है। जैसे उसे कुछ नही मालूम ।
सबसे बड़े यक्ष प्रश्न प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है और इसे कैसे रोका जाए ? इसे लेकर न तो सार्वजनिक उपक्रमों की बैठक बुलाई जा रही हैं और न ही उनके साथ बैठकर चर्चा की जा रही हैं। इसका व्यापक असर कोरबा के प्रदूषण पर पड़ रहा है। शनिवार को पॉलुशन कंट्रोल बोर्ड की कोरबा में लगी मशीन पीएम 10 का हवा में न्यनूतम स्तर 58 और अधिकतम 500 दर्ज किया।
दीपका क्षेत्र में भी स्थिति खतरनाक
कोरबा के साथ-साथ कोरबा-पश्चिम क्षेत्र दीपका में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है। शनिवार का दीपका में पीएम 10 का न्यनूतम स्तर 40 और अधिकतम स्तर 356 दर्ज किया गया। कोयला नगरी दीपका में पीएम 2.5 का स्तर भी बेहद खतरनाक बना हुआ है। पीएम 2.5 का स्तर 245 अधिकतम दर्ज किया गया है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से इसका सीधा असर लोगाें के सेहत पर पड़ रहा है।

