भगवा रंग के समदर और भक्ति में डूबा शहर , कोरबा में हिन्दू नववर्ष पर दिखी आस्था की अद्भुत आभा, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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सीतामणी श्रीराम मंदिर और कोसाबाड़ी हनुमान मंदिर से शोभायात्रा की हुई शुरुआत, टीपी नगर चौक पर दिखी भव्यता

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NOW HINDUSTAN. कोरबा. हिन्दू नववर्ष पर शहर भगवा रंग में रंग गया है। बच्चे, बूढ़े, युवक, युवतियां, महिलाएं हर वर्ग ने भगवा रंग का वस्त्र धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुए। देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की प्रस्तुति और झाकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, डीजे और घुमाल में भगवान श्रीराम की धुन में लोगों के पैर थिरकते रहे। यह भगवा रंग सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है।

रविवार को आयोजित शोभायात्रा को लेकर आम से खास वर्ग में उत्साह देखा गया। शोभायात्रा में शामिल होने के लिए लोग हर गली-मोहल्ले से अलग-अलग टोलियों में निकले और मुख्य आयोजन में शामिल हुए। अधिकतर लोगों ने भगवा रंग के कपड़े धारण किये थे। शहर के सीतामणी और कोसाबाड़ी दो जगहों से शोभायात्रा की जैसे ही शुरुआत हुई श्रद्धालुओं ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाए। भगवान श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। शंखनाथ से शहर की दिव्यता देखते ही बनी। माहौल रामप्तय हो गया। अलग अलग राज्यों से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। अघोरी शिव, महाश्मशान, महाकाली, सोमू मनमौजी, कांतारा, पुली कला, कठपुतली, बाहुबली हनुमान, बाहुबली शिवजी सहित विभिन्न राज्यों से आए कालाकारों की जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र रही।

शोभायात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी भीड़ बढ़ती जा रही थी। शाम होते ही स्वागत के लिए लगाए गए रंग-बिरंगी झालर और डिजाइनर लाइटों से सजा शहर की सौंदर्यता बढ़ गई। विभिन्न राज्यों से आए पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन से लोगों के पैर थिरकते रहे। डीजे, धुमाल सहित अन्य वाद्ययंत्रों में भगवान श्रीराम की धुन पर नाचते-गाते लोगों में उत्साह और उमंग देखा गया। इसमें बच्चे, बूढ़े, युवक, युवतियों व महिलाओं ने शोभायात्रा की दिव्यता देखी। शोभायात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब शोभायात्रा पुराना बस स्टैंड पर पहुंची, तब लोगों की भीड़ सीतामणी तक थी।

कोसाबाड़ी से निकाली शोभायात्रा जब घंटाघर चौक पहुंची, इस दौरान भीड़ सुभाष चौक तक थी। हर कोई भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। बच्चे भी अपने परिवार के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। दोनों तरफ से निकली शोभायात्रा जैसे ही ट्रांसपोर्ट नगर चौक पहुंची, इसकी भव्यता देखते ही बन रही थी। यात्रा का समापन ट्रांसपोर्ट नगर में देर रात हुआ।

सैकड़ों कलाकारों ने दी प्रस्तुति, झांकी रही आकर्षण का केंद्र

शहर के दोनों ओर से निकाली गई शोभायात्रा में अपनी कला की प्रस्तुति देने के लिए 25 से अधिक राज्यों से सैकड़ों की संख्या में कलाकार पहुंचे थे। सीतामणी श्रीराम मंदिर से दिव्य शोभायात्रा की झांकियां लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। नंदी पर सवार भगवान अघोरी शिव का औघड़ स्वरूप और भूत-प्रेत टोलियों ने आग के गोले और हैरतअंगेज करतवों से लोगों को खूब आकर्षित किया। शेष नाग धारण किए बाहुबली भगवान शिव और श्रीराम भक्त बाहुबली हनुमान ने गदा की प्रस्तुति दी। रौद्र रूप में मां महाकाली ने तांडव, कालाहांडी कटप्पा की जीवंत झांकी देखते ही बन रही थी। अफ्रिकन ड्रम बैंड, डमरू बाजा, पाइप बैंड, ढाक बाजा, घंटा बाजा, राऊत नाचा, बस्तर नाचा, डीजे, धुमाल से लेकर क्रेन लाइट वाले डीजे में भगवान श्रीराम के धुन पर लोगों के पैर थिरकते रहे।

शीतल शरबत व भोग का वितरण

सीतामणी से कोसाबाड़ी के लगभग सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर शोभायात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए स्वयंसेवकों ने भी सहयोग किया। शोभायात्रा जैसे ही निकली, स्वयंसेवक लोगों के लिए जगह-जगह भोग-भंडारे, शरबत सहित अन्य जलपान वितरण किया। घंटाघर में भी लोगों को पानी पिलाया गया।

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