सरकार की अनदेखी से पंचायत सचिव नाराज- अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, दिल्ली के जंतर मंतर में करेंगे प्रदर्शन …….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN korba  – विधानसभा चुनाव 2023-24 के दौरान मोदी की गारंटी में पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया गया था। पंचायत सचिव विगत 30 वर्षों से ग्राम पंचायतों में सेवाएँ दे रहे हैं और वे इस गारंटी के पूर्ण होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी विषय पर 7 जुलाई 2024 को इंडोर स्टेडियम रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा घोषणा पत्र संयोजक की उपस्थिति में पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुए शीघ्र कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया था। मुख्यमंत्री महोदय ने इस संदर्भ में तत्काल कमेटी गठन करने की घोषणा की थी।

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16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित समिति को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था। समिति ने प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया, जिससे पंचायत सचिवों को उम्मीद थी कि बजट सत्र में शासकीयकरण की घोषणा होगी। लेकिन बजट सत्र में यह विषय नहीं आया और सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई, जिससे प्रदेश के पंचायत सचिवों में आक्रोश फैल गया। इसलिए पंचायत सचिव संघ ने 17 मार्च 2025 से प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इसके बावजूद सरकार ने पुनः एक समिति का गठन कर दिया, जिसमें कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई। इससे पंचायत सचिवों में असंतोष और बढ़ गया, जिसके चलते 1 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित मंत्रालय घेराव को स्थगित कर आगामी रणनीति तैयार की गई है।

हड़ताल की तिथिवार रणनीति- 02 अप्रैल से 06 अप्रैल 2025 – जनपद स्तर पर हड़ताल जारी रहेगी।
07 अप्रैल 2025 – जिला स्तर पर रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

08 अप्रैल 2025 – जनपद स्तर पर नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन। 09 अप्रैल 2025 – रामायण गान कर विरोध प्रदर्शन।

10 अप्रैल 2025 – हड़ताल पंडाल में महावीर जयंती का आयोजन।

11 अप्रैल 2025 – क्रमिक भूख हड़ताल प्रारंभ।

12 अप्रैल 2025 – सरकार को सद्बुद्धि हेतु हनुमान चालीसा का पाठ।
13 अप्रैल 2025 – क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
14 अप्रैल 2025 – हड़ताल परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई जाएगी।

15 अप्रैल से 19 अप्रैल 2025 – जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

20 अप्रैल 2025 – प्रदेश के समस्त पंचायत सचिव जंतर-मंतर, दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

21 अप्रैल 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल – जब तक मांग पूरी नहीं होती दिल्ली में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

प्रदेशभर के पंचायत सचिव इस आंदोलन को लेकर एकजुट हैं और सरकार से शीघ्र शासकीयकरण की घोषणा की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ग्राम पंचायत प्रशासन के कार्य प्रभावित- पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से गाँवों में प्रशासनिक कार्य ठप हो गए हैं। ग्रामीण आवास, जाति निवास, मनरेगा मजदूरी भुगतान और शासकीय योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायतों में प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे, जिससे छात्रों, किसानों और मजदूरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत स्तर पर विकास कार्य भी रुक गए हैं। हड़ताल के चलते ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है और वे जल्द से जल्द समाधान की माँग कर रहे हैं।

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