NOW HINDUSTAN korba. बच्चों के मुफ्त शिक्षा के लिए आवेदन करना मुसीबत का काम है। अभिभावक जब आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर रहे हैं, तब पोर्टल पर नगर निकाय के नए परिसीमन के आधार पर अपडेट नहीं किया गया है। पोर्टल पर पुराने वार्ड क्रमांक और मोहल्ले के अनुसार विद्यालयो का चयन करना पड़ रहा है। इसकी वजह से कई विद्यालय मोहल्ले से दूरी पर हैं। वहीं अभिभावक कौन से वार्ड का चयन करना है, इसे लेकर असमंजस में है।
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आरटीई पोर्टल में आवेदन करने के लिए अभिभावक लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ वार्डों में ऐसे लोग भी सामने आए हैं जिन्हें अपने बच्चों के लिए मनपसंद विद्यालय नहीं मिल रहा है। ऐसे वार्ड में एसईसीएल का मानिकपुर क्षेत्र भी शामिल है जहां कोई अंग्रेजी माध्यम या सीबीएसई बोर्ड से संबंधित विद्यालय नहीं है। इसके अलावा निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में भी इस तरह की समस्याएं आ रही है। इससे अभिभावक परेशान हैं और अपने बच्चे के लिए विद्यालय खोज रहे हैं। निजी विद्यालयो में नि:शुल्क शिक्षा के लिए अभिभावकों को बच्चों का आरटीई पोर्टल पर प्रवेश के लिए कम समय मिला। अधिकांश अभिभावक आखिरी तिथि तक पंजीयन नहीं करा सके। इसकी वजह विलंब से पोर्टल शुरू होने और पोर्टल में आई खराबी को बताया जा रहा हैं। इसे लेकर शासन ने पंजीयन की तिथि दी है।
अभिभावक अब 8 अप्रैल तक पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। निजी विद्यालयो में नि:शुल्क शिक्षा अंतर्गत जिले में लगभग 300 विद्यालयो में करीब 3000 सीटों पर प्रवेश के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू होनी थी। लेकिन पोर्टल में संसोधन की वजह से अभिभावकों के लिए विलंब से खोला गया। इसमें भी पंजीयन को सुरक्षित करने के बाद भी आ रही दिक्कतों की वजह से अधिकांश अभिभावक आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। इसकी आखिरी तिथि 31 मार्च तक थी। लेकिन शासन ने पोर्टल में ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया 8 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इससे पंजीयन से वंचित बच्चों के अभिभावक को राहत मिलेगी। अभिभावक पंजीयन की प्रक्रिया निर्धारित समय के पहले पूरी कर सकते हैं। आवेदन पंजीयन के बाद हार्ट कॉपी नोडल विद्यालय में प्राचार्य के समक्ष जमा करना होगा।

