NOW HINDUSTAN. Korba. छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज 103 गैर-गंभीर प्रकरणों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसमें कोरबा सहित 16 जिलों के 41 प्रकरण शामिल हैं, जिनमें न्यायालय की स्वीकृति के बाद अभियुक्तों को राहत प्रदान की गई और पुलिस रिकॉर्ड से उनके नाम हटा दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार उक्त फैसला गृह विभाग द्वारा जिलों से प्राप्त रिपोर्टों और विस्तृत समीक्षा के बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा के आधार पर लिया गया।
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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस निर्णय को लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा की “राजनीतिक कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग के लिए दंडित नहीं किया जाएगा। पिछली सरकार में कई ऐसे मामले दर्ज किए गए थे, जो केवल शांतिपूर्ण विरोध या जनअभिव्यक्ति के थे। हमारी सरकार ऐसे सभी गैर-गंभीर और राजनीतिक प्रेरित मामलों की समीक्षा कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार सुशासन और न्यायप्रियता को प्राथमिकता देती है। “हमारी सरकार की नीति साफ है कि किसी निर्दोष पर झूठे आरोप न लगें और न ही उन पर अनावश्यक कानूनी बोझ डाला जाए।”
माना जा रहा हैं की यह निर्णय उन कार्यकर्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, जो केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर रहे थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार में उन पर मामले दर्ज कर दिए गए थे।

