बालको के “विश ट्री अभियान” ने चौथे वर्ष भी बच्चों के सपनों को किया साकार…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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जिले के 25 ग्रामो के 500 से अधिक बच्चों की इच्छाएं हुईं पूरी

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NOW HINDUSTAN.  कोरबा जिले में स्थापित वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने हाल ही में अपने वार्षिक ‘विश ट्री अभियान’ के चौथे संस्करण का सफलता पूर्वक समापन किया। इस अभियान के माध्यम से बालको ने अपने आसपास के समुदायों के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाई और उनके छोटे-छोटे सपनों को साकार किया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की इच्छाओं को पूरा करना था, जिसमें बालको के कर्मचारी स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए।

जानकारी देते हुए बताया जा रहा हैं की यह पहल उन बच्चों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने पर केंद्रित है जो अक्सर बुनियादी सुविधा से वंचित रहते हैं। उक्त अभियान के अंतर्गत 3 से 10 वर्ष के बच्चों से 25 ग्रामो में जाकर 500 से अधिक इच्छाएं एकत्र की गईं। इन इच्छाओं में पेंसिल बॉक्स, स्कूल बैग, जूते, कपड़े और अन्य ज़रूरी चीज़ें शामिल थीं। बालको के 300 से अधिक कर्मचारी स्वयंसेवक ने इन इच्छाओं को व्यक्तिगत रूप से अपनाया, वस्तुएं स्वयं खरीदीं और बच्चों को उपहार स्वरूप भेंट दीं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि “हम बालको में मानते हैं कि परोपकार का सबसे छोटा कार्य भी गहरा प्रभाव छोड़ सकता है। ‘विश ट्री अभियान’ हमारे लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावना है, जो खुशी, सहानुभूति और समाज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बच्चों की इच्छाओं को पूरा कर हम उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बच्चे उज्जवल भविष्य की नींव हैं। इस तरह की पहल के माध्यम से हमारा उद्देश्य उनके सपनों को पोषित करना और समुदाय के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाना है।”

ग्राम माखुरपानी के सरपंच बहोरन सिंह मंझवार ने विश ट्री पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश बच्चे वंचित परिवारों से आते हैं, जहाँ बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं। ‘विश ट्री अभियान’ के माध्यम से बालको के कर्मचारियों ने उनसे पूछा कि वे क्या चाहते हैं, और उनकी सार्थक इच्छाओं को पूरा किया। यह देखकर बेहद खुशी होती है कि बालको जैसी कंपनी इतनी आत्मीयता से हमारे बच्चों की ज़रूरतों और भावनाओं को समझती है। इससे हमारे समुदाय में उम्मीद और विश्वास को नई मजबूती मिली है।

बालको कर्मचारी फिजा बेग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं कि जब किसी बच्चे की आंखों में चमक देखी, तो यह अहसास हुआ कि छोटी-सी परोपकार भी कितनी गहराई से असर डाल सकती है। यह अनुभव मेरे लिए जीवनभर की प्रेरणा बन गया है। बालको ऐसी अनेक पहल के माध्यम से समाज को लौटाने की भावना को लगातार प्रोत्साहित करता है।
‘विश ट्री अभियान’ के इतर बालको शिक्षा, सतत आजीविका, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य आदि सामुदायिक विकास परियोजनाओं से सामुदायिक कार्यों में सक्रिय है। कंपनी 123 गांवों में 2 लाख से अधिक लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे वह समाज में बदलाव लाने की अपनी प्रतिबद्धता को साकार कर रही है।

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