NOW HINDUSTAN. कोरबा जिला कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया था कि शासन द्वारा कोटवारों को सेवा भूमि के रूप में दी गई। भूमि को क्रय किए जाने पर उसका नामांतरण निरस्त कर पुनः शासन के रिकार्ड में दर्ज करना है। कलेक्टर के निर्देश के पश्चात सभी तहसीलदारों द्वारा कोटवारी भूमि को शासन के रिकार्ड में दर्ज कराने हेतु कार्यवाही की जा रही है।
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शासकीय तोर पर जारी अधिकृत जानकारी में बताया गया हैं कि ग्राम भैंसमा तहसीलदार ने कोरबा अनुभाग अंतर्गत ग्राम कुकरीचोली के कोटवारी भूमि को अन्य के नाम पर दर्ज/विक्रय करने के मामले में कार्यवाही करते हुए कोटवारी भूमि के अन्तरण को अपास्त कर दिया गया है। ग्राम कुकरीचोली में अनिता कौशिक वगैरह, खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.045 हेक्टेयर, मंजू जायसवाल वगैरह खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.040 हेक्टेयर, कनिका चक्रवर्ती, वगैरह, खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.012 हेक्टेयर, डॉ. के.सी. देवनाथ वगैरह खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.158 हेक्टेयर, डॉ. के.सी. देवनाथ वगैरह खसरा नंबर 376 में से, रकबा 0.215 हेक्टेयर, डॉ. के.सी. देवनाथ वगैरह खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.101 हेक्टेयर, डॉ. के.सी. देवनाथ वगैरह खसरा नंबर 377/1 में से, रकबा 0.081 हेक्टेयर, कोटवारी भूमि का अन्तरण को अपास्त करते हुए शासन के रिकार्ड में दर्ज किए है।
जिले में भैंसमा तहसील अंतर्गत 16, कटघोरा 8, दीपका 8, हरदीबाजार 7, बरपाली 10, पोड़ी-उपरोड़ा 2, कोरबा 2, दर्री 6, पाली 4 प्रकरण है। जिसमें सिंगल ट्रांजेक्शन हुए हैं। कोरबा जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने कोटवारी भूमि की बिक्री व अन्य के नाम पर दर्ज होने के मामले में कार्यवाही करते हुए शासन के नाम पर पुनः दर्ज करने के निर्देश सभी तहसीलदारों को दिए हैं।

