NOW HINDUSTAN. कोरबा जिले हसदेव दर्री बराज से निकली बांयी तट नहर की टूटी लाइनिंग की मरम्मत अब बारिश के बाद ही होगी। खरीफ सिंचाई के लिए पानी देने के लिए जहां पर नहर की लाइनिंग सबसे अधिक खराब है, वहां पर रेत की बोरी भरी जाएगी। इसके लिए अनुमति मांगी जा रही है।
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नहर की लाइनिंग 4 से 18 किलोमीटर के बीच सबसे अधिक खराब है। लाइनिंग खराब होने से पानी के तेज बहाव में मिट्टी बह जाता है, जिससे नहर फूटने का खतरा बना हुआ है। रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी देते समय राताखार के पास नहर में लीकेज हो गया था। इसी तरह की समस्या इमलीडुग्गू और सीतामढ़ी क्षेत्र में भी है।
मरम्मत के लिए 23 करोड़ का 3 निविदा जारी की गयी थी। इसमें से एक ठेकेदार ने ही अनुबंध किया, लेकिन काम करने से इंकार कर दिया। दो ठेकेदारों ने तो अनुबंध ही नहीं किया है।
अब अस्थाई रूप से मरम्मत के लिए रेत की बोरी भरी जाएगी। इससे पानी के तेज बहाव में फूटने का खतरा कम हो जाता है। इसके पहले भी 2 साल से सिंचाई विभाग के अधिकारी रेत और मिट्टी की बोरी से मरम्मत कर काम चला रहे थे। हसदेव दर्री बराज के एसडीओ पी.के. टोप्पो का कहना है कि इसके लिए इस्टीमेट बनाकर अनुमति ली जा रही हैं।

