खबर वायरल होने पश्चात कलेक्टर ने मामले में संज्ञान ले दिए जांच के निर्देश……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा जिले में एक महिला अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र में सुधार करने और सुधार के बाद प्रमाण पत्र देने के एवज में स्वास्थ्य कार्यकर्ता के द्वारा 500 रुपए की मांग किए जाने और यह रुपए इकट्ठा करने के लिए गरीब मां के द्वारा चावल बेचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर अजीत वसंत के संज्ञान में यह मामला आने पश्चात तत्काल जांच के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश उपरांत पोड़ी-उपरोड़ा के एसडीएम टी.आर. भारद्वाज के द्वारा ग्राम बंजारी में तहसीलदार को भेजा गया। उनके द्वारा पीड़ित महिला अमीषा धनवार सहित अन्य ग्रामवासियों के बयान दर्ज किए। इसी प्रकार जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी, जनपद सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ग्राम पहुंच अपने स्तर पर बयान दर्ज किया।

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ग्रामवासियों ने बताया कि यहां इलाज करने और दवाई देने के नाम पर भी पैसे लिए जाते हैं। बिना पैसा लिए दवाई नहीं दी जाती। पीड़िता अमीषा धनवार ने बताया कि उसने 12 किलो चावल बेचकर 500 रुपए इकट्ठा किया लेकिन एएनएम मिल नहीं रही है। गांव के ही एक ग्रामीण ने बताया कि उसने अपने पहले बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए 700 रुपए दिया था और दूसरे बच्चे के लिए 500 रुपए दिया उस पर भी गलती हो जाने पर सुधार करना पड़ रहा है जिसके लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं।

एक अन्य ग्रामीण ने आरोप लगाते हुए ने बताया कि उसे 1500 रुपये की मांग की गई थी लेकिन पैसा नहीं होने की बात कहने पर 400 रुपये देने पर राजी हुई, लेकिन 400 रुपये भी नहीं होने के कारण वह अपने बच्चों का प्रमाण पत्र अस्पताल से नहीं ला पाया है। ग्रामीणों के बयान कलमबद्ध करने के दौरान सरपंच, उप सरपंच व अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

बताया जा रहा हैं कि एएनएम की ड्यूटी आयुष्मान आरोग्य मंदिर मड़ई में है और यहीं पर निवास भी है। ग्राम पंचायत निवासी अमीषा धनवार का मामला उजागर होने के बाद वह अस्पताल में ताला बंद कर कहीं चली गई है और इसके बाद से अस्पताल का ताला खुला नहीं है। बीएमओ डॉ. दीपक सिंह के बताए अनुसार वह अवकाश पर गई हुई है और अवकाश देने से पहले उन्हें स्वयं उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी।

एसडीएम टी.आर. भारद्वाज ने बताया कि इस मामले को कलेक्टर श्री बसंत द्वारा काफी गंभीरता से लिया गया है। उनके निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है। तहसीलदार के द्वारा ग्राम में जाकर बयान दर्ज किए गए जिसमें शिकायत सही पाई गई है। खंड चिकित्सा अधिकारी को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है। संबंधित स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम को नोटिस जारी किया गया है। उसके द्वारा बिना किसी को प्रभार सौंपे अवकाश लेकर अस्पताल में ताला बंद कर दिया गया है जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसके लिए उसके विरुद्ध पृथक से कार्यवाही की जाएगी।

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