समुद्र में बारूदी सुरंगें नष्ट करने वाले 12 जहाज बनाएगा भारत,. प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 44 हजार करोड़….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. नई दिल्ली. भारत ने समुद्र में बारूदी सुरंगें ढूंढने और नष्ट करने वाले विशेष जहाज (माइनस्वीपर) फिर से बनाने का फैसला किया है। ऐसे 12 जहाज बनाने पर करीब 44,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन्हें देश में ही बनाया जाएगा। इन जहाजों से दुश्मनों द्वारा समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को नष्ट कर बंदरगाहों और व्यापारिक जहाजों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।

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रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल भारत के पास कोई माइनस्वीपर नहीं है। पुराने माइनस्वीपर कई साल पहले रिटायर कर दिए गए थे। इनके निर्माण का प्रोजेक्ट रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद के सामने रखा जाएगा। मंजूरी के बाद भारतीय शिपयार्ड्स से जहाज बनाने के लिए टेंडर मांगे जाएंगे। यह फैसला चीन और पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री गतिविधियों के बीच भारतीय नौसेना को मजबूत करने के लिए किया गया है। इन जहाजों को समुद्री मार्गो से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए डिजाइन किया जाता है।

माइनस्वीपर युद्ध के दौरान भी अहम भूमिका निभाते हैं। इनसे युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार होता है। दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने के बाद दुनिया के समुद्री मार्गों में तैरती हजारों बारूदी सुरंगों को साफ करने के लिए सैकड़ों माइनस्वीपर्स का इस्तेमाल किया गया था।

देश के 7,516 किलोमीटर लंबे समुद्र तट की रक्षा के लिए 24 माइनस्वीपर की जरूरत है। इस तट पर 13 बड़े बंदरगाह और 200 से अधिक छोटे बंदरगाह हैं। इन पर बड़ी संख्या में जहाज पहुंचते हैं।

कैसे काम करता है

माइनस्वीपर स्टील की केबल से बारूदी सुरंगों को समुद्र से बाहर निकालता है। जैसे ही केबल टूटती है, सुरंग सतह पर आ जाती है। इसे तोप से नष्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को ‘ओरोपेसा’ कहा जाता है। माइनस्वीपर्स में इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी होता है। इसका इस्तेमाल बारूदी सुरंग के चुंबकीय क्षेत्र को कम करने के लिए किया जाता है।

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