आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर भाजपा कोरबा ने संगोष्ठी व प्रदर्शनी की आयोजित…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  भारतीय जनता पार्टी, जिला कोरबा द्वारा आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीएसईबी सीनियर क्लब परिसर में संगोष्ठी एवं स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जेल गए लोकतंत्र के रक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

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इस आयोजन का उद्देश्य आपातकाल जैसे अलोकतांत्रिक कालखंड के विरुद्ध संघर्ष करने वाले वीरों को सम्मानित करना और नई पीढ़ी को उस काल के ऐतिहासिक सत्य से परिचित कराना था। इसके अंतर्गत बनवारी लाल अग्रवाल, श्रीमती उर्मिला कड़वे (स्व. एल.एन. कड़वे की धर्मपत्नी), शंकर लाल टमकोरिया, मूरित राम साहू, हेमंत मौलिकर, विनोद सिन्हा एवं आर.डी. चंद्रा को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर निगम कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर व वरिष्ठ भाजपा नेता जोगेश लांबा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, कार्यक्रम संचालक हितानंद अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश राठौर, योगेश मिश्रा मंडल अध्यक्ष, पार्षद नरेंद्र देवांगन, लक्की नंदा, अजय चंद्रा, उदय श्रीवास्तव, राजेश लहरे, प्रदीप सिंह, दीपक यादव, मनोज राजपूत, रामकुमार त्रिपाठी, राहुल शुक्ला, अर्जुन , महिला मोर्चा की पदाधिकारीगण एवं पार्षद गण एवं मीडिया सह प्रभारी पवन सिन्हा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मीसा बंदी मूरित राम साहू ने कहा की “मैं उस समय कॉलेज में छात्र नेता था। लोकतंत्र की हत्या के विरोध में हमने रैली निकाली, जिसके कारण मुझे 16 महीने तक जेल में रहना पड़ा था। आज का दिन उन तमाम लोकतंत्र सेनानियों को याद करने का दिन है, जिन्होंने निडर होकर तानाशाही का विरोध किया था।” मीसा बंदी आर.डी. चंद्रा ने कहा की “आपातकाल एक ऐसा समय था जब लोगों की आवाज को कुचल दिया गया था। उस दौर में हमें और हमारे परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन हमने लोकतंत्र के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।” महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा की “आपातकाल ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। महिलाओं की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार भी खतरे में पड़ गए थे। आज हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और अपने प्राण गवांए।” विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा की “आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। संविधान को ताक पर रखकर सत्ता का दुरुपयोग किया गया। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे क्षेत्र के अनेक वीरों ने उस समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा की “आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचलने वाली ताकतों को जनता ने परास्त किया। आज का दिन उन लोगों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने मीसा कानून के खिलाफ आवाज उठाई और जेल गए। भाजपा सदैव ऐसे लोकतंत्र रक्षकों को नमन करती है।” पूर्व महापौर एवं वरिष्ठ भाजपा नेता जोगेश लांबा ने कहा की “आपातकाल का विरोध करना आसान नहीं था, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं ने संगठन और विचारधारा के प्रति निष्ठा रखते हुए जनजागरण का कार्य जारी रखा। यह संगोष्ठी उस संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है।”

कार्यक्रम स्थल पर “आपातकाल स्मृति प्रदर्शनी” में उस समय की घटनाओं, आंदोलनकारी नेताओं, समाचार पत्रों पर लगाए गए प्रतिबंधों और नागरिक स्वतंत्रताओं के हनन को चित्रों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने देखा।
इस अवसर पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष, पार्षदगण, महिला मोर्चा की पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता व नागरिकगण भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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