
NOW HINDUSTAN. Korba. कोरबा – जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा के जिलाध्यक्ष शहर मुकेश कुमार राठौर एवं जिलाध्यक्ष ग्रामीण मनोज चौहान ने राज्य सरकार द्वारा नई आबकारी नीति के अंतर्गत होली जैसे पवित्र एवं सांस्कृतिक पर्व पर शराब दुकानों को खुला रखने के निर्णय की कड़ी निंदा की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और पारिवारिक उल्लास का पर्व है। पूर्व में होली को “ड्राई डे” घोषित कर शराब बिक्री पर रोक लगाई जाती थी, जिससे कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक शांति बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग मिलता था। किंतु वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को समाप्त कर शराब दुकानों को खुला रखने का जो निर्णय लिया है, वह जनभावनाओं के विपरीत एवं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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कोरबा जिला एक बहुसंख्यक आदिवासी क्षेत्र है, जहाँ परंपरागत रूप से घरेलू स्तर पर आदिवासियों को देशी मदिरा के सेवन की अनुमति पहले से ही है। ऐसे में होली जैसे उत्सव पर सरकारी शराब दुकानों को खुला रखना सामाजिक संतुलन एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करेगा। इससे आपसी विवाद, सड़क दुर्घटनाएँ एवं असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर और मनोज चौहान ने कहा कि सरकार का यह निर्णय केवल राजस्व वृद्धि की मानसिकता को दर्शाता है, जबकि जनहित, सामाजिक शांति और प्रशासनिक व्यवस्था की अनदेखी की गई है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से मांग करती है कि होली पर्व पर शराब बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए तथा इसे पुनः “ड्राई डे” घोषित किया जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लेती है, तो कांग्रेस पार्टी जनभावनाओं के अनुरूप लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।


