ढपढप में पांच दिवसीय हनुमंत कथा का हुआ समापन , 108 कन्याओं का हुआ सामूहिक विवाह, राज्यपाल रमेन डेका हुए शामिल……..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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कथा के माध्यम से दिया सामाजिक सेवा का संदेश : पं. शास्त्रीब.

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NOW HINDUSTAN. Korba. ढपढप में चल रहे पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का बुधवार को समापन हो गया। अपना घर सेवा आश्रम की ओर से आयोजित बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथा कार्यक्रम में पूरे दिन लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रमन डेका भी कथा स्थल पहुंचे, वे यहां आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए वर वधु को आशीर्वाद देकर फिर रायपुर लौट गए।

कथा के अंतिम दिन पं. धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ग्राम ढपढप में पांच दिवसीय हनुमंत कथा का विश्राम हो गया है। वनांचल आदिवासी परिवार व उनके आसपास के लोगों के बीच में जंगल मे हनुमान जी के नाम का मंगल हुआ है। इस दौरान 108 बेटियों का कन्यादान का उत्सव भी मनाया गया है।

उन्होंने कहा कि कोरबा मां सर्वमंगला की नगरी है, जो पूरे देश को प्रकाशित करता है। हनुमंत कथा में यहां भक्ति और ज्ञान का प्रकाश हुआ है। बहुत से लोगों ने घर वापसी भी हुई है। कुछ लोग मंच पर आने से हिचकिचा रहे थे, इसलिए उनके घर वापसी का कार्यक्रम बिना कैमरे के संपन्न किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 543 लोगों के घर वापसी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी कथाओं के माध्यम से सनातन की सेवा एक बड़ा आयोजन है।

उन्होंने कहा ये भी कहा कि इस तरह के आयोजन से कथाओं, संतों और धार्मिक आयोजन पर टिप्पणी करने वालों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है। जिन कथाओं से 108 कन्याओं का घर बसाया जा रहा है, तो ऐसी कथाएं देश के हर गांव में हर कोने में होनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के चर्चित ज्योतिषाचार्य अशोक खरात पर लगे गंभीर आरोप व विवाद को लेकर कहा कि श्रद्धा और अंध श्रद्धा में बारीक अंतर है। महिलाओं को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।

इस अवसर पर आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी ने बताया कि इस सफल आयोजन के पीछे उनके सभी कार्यकर्ता और जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किए हैं उनकी सफलता है उनका प्रयास होगा कि हर वर्ष इस प्रकार का आयोजन होता रहे।

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