NOW HINDUSTAN. Bihsr News-राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सटे जीएनएम संस्थान में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर अनियमितता के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है।। सिविल सर्जन वैशाली के आदेश पर दो सदस्यीय टीम बुधवार को संस्थान पहुंची और घंटों तक छात्राओं व प्रबंधन से पूछताछ की।
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डॉ. राजेश किशोर साहु (गैर संचारी पदाधिकारी) और डॉ. विशाल प्रकाश (जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी) की दो सदस्यीय टीम ने लगभग 2 घंटे तक मामले में जीएनएम की प्राचार्या रिंकी कुमारी से पूछताछ की।
छात्राओं ने प्राचार्या रिंकी कुमारी पर अनुपस्थिति शुल्क के रूप में 100 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लेने , प्रैक्टिकल के नाम पर 15,000 रुपये की अवैध मांग करने, बिना रसीद के एडमिशन के समय हजारों रुपये वसूलने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगाए थे।
जांच के बाद मीडिया से बात करते हुए राजेश कुमार साहु ने कहा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए कई आरोप बेबुनियाद हैं, लेकिन वहीं जांच के दौरान कई आरोप प्रथम दृष्टया सही भी नजर आ रहे हैं। हमने साक्ष्यों को संकलित कर लिया है और विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जांच दल को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट मंतव्य के साथ अपनी रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध करानी है।
संवाददाता राजेन्द्र कुमार

