NOW HINDUSTAN. Korba. सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी और स्टीम पाइप फटने से 34 श्रमिक इसकी चपेट में आ गए, जिनमें से अब तक 17 की मौत हो चुकी है। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्लांट के प्रभावित हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को खत्म करने के लिए सघन तलाशी ली जा रही है। मौके पर प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि प्लांट के भीतर बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
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हादसे के बाद झुलसे श्रमिकों को रायगढ़ के निजी अस्पतालों—फोर्टिस जिंदल, अपेक्स और बालाजी मेट्रो—में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और डॉक्टरों की टीमें लगातार उपचार में जुटी हैं। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। एसडीएम डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना के समय कौन-कौन श्रमिक ड्यूटी पर थे, क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया, औद्योगिक सुरक्षा विभाग का अंतिम निरीक्षण कब हुआ और इस हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। प्रारंभिक तौर पर प्रबंधन और ठेका कंपनी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों के नाम–
हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं।
मृतकों के नाम इस प्रकार हैं- रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),आकिब खान (दरभंगा, बिहार),सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),अब्दुल करीम (झारखंड),उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।