राज्यपाल की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ धर्म ‘स्वातंत्र्य’ विधयेक का राजपत्र में हुआ प्रकाशन, 30 लाख तक का जुर्माना……

Rajesh Kumar Mishra
4 Min Read
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.12 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.13 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.14 (1)

नया धर्मांतरण कानून लागूः 31 धाराओं में अवैध धर्म परिवर्तन की परिभाषा तय।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.10 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.11 (1)

ग्रामसभा को मिली बड़ी शक्ति, विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण कराने पर 20 साल की सजा

NOW HINDUSTAN. Korba. रायपुर प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद इसका राजपत्र में प्रकाशन हो गया है। इसके साथ ही यह विधेयक अब प्रदेश में कानून के रूप में लागू हो गया है। इससे पहले राज्य में वर्ष 1968 का धर्मातरण कानून प्रभावी था। नए कानून में अवैध धर्मातरण के मामलो मे सख्त सजा का प्रावधान किया गया है, जिसमें अधिकतम 20 वर्ष तक की कैद और 30 लाख रुपए तक का जुर्माना शामिल है। वहीं, दोबारा जबरन धर्मातरण कराने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक छह अध्यायों और 31 धाराओं में विभाजित है, जिससे वैध और अवैध धर्मातरण की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। विधेयक में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए सख्त प्रावधान किए गए है।

अब धर्म परिवर्तन करने वाले  व्यक्ति को पहले प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष आवेदन देना होगा। इसके बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर इस सूचना को सार्वजनिक किया जाएगा और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जांच पूरी होने के बाद ही धर्म परिवर्तन का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से धर्म चुनने की स्वतंत्रता हो, लेकिन यह बदलाव किसी दबाव, प्रलोभन या भय के कारण न हो, इसकी जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।

इसे माना जाएगा धर्मांतरण |

किसी व्यक्ति द्वारा अपनी आस्था या धर्म का त्याग कर दूसरे धर्म को अपनाना।

जन्म, विवाह और मृत्यु के अनुष्ठानों को छोड़ अन्य धर्म के रीति-रिवाज़ अपनाना।

पैतृक या पारंपरिक देवताओं की पूजा बंद कर अन्य धार्मिक आस्था स्वीकारना।

अन्य मूल के धर्म को स्वीकार करना, जिसमें धर्मांतरण की प्रक्रिया शामिल हो।

अपनी पारंपरिक मान्यताओं का त्याग कर दूसरे धर्म का पालन करना।

स्पष्टीकरणः अपने मूल या पैतृक धर्म में वापस लौटता है, तो धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।

सजा का प्रावधान

सामान्य अवैध धर्मांतरणः 7 से 10 वर्ष की जेल और 5 लाख तक का जुर्माना।

सामूहिक धर्मांतरणः 10 वर्ष से आजीवन कारावास और 25 लाख तक का जुर्माना।

विशेष श्रेणी (महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति/जनजाति) का धर्मांतरणः 10 से 20 वर्ष की जेल, ₹10 लाख जुर्माना।

विवेशी फंडिंग के माध्यम से धर्मांतरणः 10 से 20 वर्ष की सजा, ₹20 लाख जुर्माना।

भय, प्रलोभन या तस्करी के माध्यम से धर्मांतरणः 10 से 20 वर्ष की जेल और 30 लाख रुपए तक का जुर्माना।

धर्मातरण से पहले पंजीयन अनिवार्य

नए कानून के तहत धर्मांतरण कराने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें प्रत्येक वर्ष प्राधिकृत अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें धर्मांतरण से जुड़े सभी मामलों की जानकारी देनी होगी। इस प्रक्रिया में ग्रामसभा की भी भागीदारी सुनिश्चिते की गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और, जवाबदेही बनी रहे।

इस कानून के आने के बाद उन लोगों के चेहरे सामने आ जाएंगे जो दोहरा जीवन जी रहे हैं उन्हें अब दोहरा लाभ नहीं मिलेगा ।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.09 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.43.08
Share This Article