NOW HINDUSTAN. कोरबा जिले के एचटीपीपी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव-झाबू में दोपहर करीब 12 बजे हुआ भयावह औद्योगिक हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। सीएसईबी पश्चिम के राखड़ डेम का एक हिस्सा अचानक फूट गया, जिससे राख और मलबे का तेज बहाव शुरू हो गया। इसी दौरान कार्यरत एक जेसीबी ऑपरेटर मशीन सहित राख के सैलाब में समा गया और उसकी जान चली गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डेम में बढ़ते दबाव के संकेत पहले से मौजूद थे, लेकिन प्रबंधन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि राहत और बचाव कार्य देर से शुरू होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
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सवाल उठता है कि आखिर चेतावनियों के बावजूद सुरक्षा इंतजाम इतने कमजोर क्यों रहे? क्या मजदूरों की जान की कीमत महज औपचारिक नियमों तक सीमित है?स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे इस हादसे को सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही मान रहे हैं। अब निगाहें प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।