NOW HINDUSTAN. कोरबा। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा कोरबा एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति से राज्य शासन का ध्यान कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबित मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए दिनांक 10 जून 2026, बुधवार को भोजन अवकाश के दौरान ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- Advertisement -
संघ के जिला अध्यक्ष विनय सोनवानी एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रभात शर्मा ने संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ प्रदान किया गया है, जबकि प्रदेश के लगभग साढ़े चार लाख शासकीय कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनर अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। यह स्थिति कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण है। संघ ने मांग की है कि राज्य के सभी कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत स्वीकृत किया जाए तथा लंबित एरियर राशि का समायोजन जीपीएफ खातों में किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों के लिए विधानसभा के बजट सत्र में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के नियम एवं आदेश तत्काल जारी करने, सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण की सीमा 240 दिनों से बढ़ाकर 300 दिन करने, संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान करने, शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने तथा अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त कर सभी पात्र प्रकरणों में नियुक्ति प्रदान करने की मांग भी की जाएगी।
संघ के जिला अध्यक्ष विनय सोनवानी ने कहा कि राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को लंबित महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ प्रदान किए जाने से कर्मचारियों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा तथा कार्यक्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
उक्त मांगों के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठन एकजुट होकर आंदोलन एवं ज्ञापन कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक संघ, छत्तीसगढ़ आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ निशक्त अधिकारी-कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज कर्मचारी कल्याण संघ, शासकीय तकनीकी कर्मचारी संघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी पेंशनर्स एसोसिएशन सहित अनेक कर्मचारी संगठन शामिल हैं।
कर्मचारी नेता के.एल. डहरिया, तीजराम कुर्रे, विनय सिंह, रामकपूर कुर्रे, विनोद यादव, मनोहर सिंह कंवर, एन.के. बरेठ, हीरालाल पटेल, संतोष कुमार यादव, शैलेंद्र नंदी, एस.के. पाठक, अजय पांडे, नागेश गौराहा एवं गोपाल प्रजापति सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भी राज्य सरकार से कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की है।
