बिलासपुर जिले के मस्तूरी और लालपुर में एसीबी की ट्रैप कार्यवाही,दोनों जगहों पर दो आरोपी को किया गया गिरफ्तार …….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
4 Min Read

सीएसपीडीसीएल(विद्युत विभाग ) का बाबू 10000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

- Advertisement -

*गरीब किसान से खेतों में विद्युत पोल लगाने का प्रोसेस करने के बदले मांगी गई थी 10000 रुपए की रिश्वत।

NOW HINDUSTAN. Korba. ग्राम पारघाट जिला बिलासपुर निवासी श्री त्रिलोकी साहू द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि उसके द्वारा अपने ग्राम पाराघाट स्थित करीब एक एकड़ कृषि जमीन में शासन की योजना के तहत विद्युत की सुविधा ले जाने हेतु निःशुल्क विद्युत पोल लगाने के लिए सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिस पर वहां पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा द्वारा पोल लगाने का प्रोसेस करने के बदले 10000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है किंतु वह बाबू सहदेव कुमार चंद्रा को उस कार्य के लिए 10000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।।

शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई ।आज दिनांक 25.6.26 को प्रार्थी को आरोपी बाबू को रिश्वती रकम देने के लिए सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी भेजा गया था जो प्रार्थी से रिश्वत रकम 10000 रुपए लेते ही आरोपी सहदेव कुमार चंद्रा को एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा पकड़ लिया गया ।रिश्वत में ली गई राशि 10000 रुपए को आरोपी भानु चंद्राकर से बरामद कर लिया गया है तथा आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है ।।

इसी तरह से  तनपुर निवासी  अशोक अग्रवाल द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि उसके द्वारा अपने लालपुर स्थित जमीन का नक्शा बटांकन करने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व तहसीलदार रतनपुर के यहां आवेदन दिया था जिस पर उक्त कार्य करने के लिए तहसीलदार रतनपुर द्वारा लालपुर पटवारी को आदेशित किया गया था। उक्त कार्य करने के लिए जब उसके द्वारा लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर से संपर्क किया गया तो उक्त कार्य के लिए उसके द्वारा उससे 40000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है किंतु वह पटवारी भानु चंद्राकर को उक्त कार्य के लिए 40000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।।

शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई तथा सत्यापन के दौरान मोलभाव करने पर आरोपी पटवारी द्वारा 25000 रुपए लेने हेतु सहमति दी गई, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई । आज दिनांक 25.6.26 को प्रार्थी को पैसा लेने के लिए पटवारी द्वारा तहसील कार्यालय रतनपुर बुलाया गया था जो प्रार्थी को रिश्वत रकम 25000 रुपए देकर भेजे जाने पर तहसील कार्यालय रतनपुर में प्रार्थी से रिश्वत रकम 25000 रुपए लेते ही एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा आरोपी भानु चंद्राकर को पकड़ लिया गया ।रिश्वत में ली गई राशि 25000 रुपए को आरोपी से बरामद कर लिया गया है तथा आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है ।

गौरतलब है कि एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों /कर्मचारियों की लगातार कार्यवाही की जा रही है इसी अनुक्रम में उक्त कार्यवाही की गई ।डीएसपी एसीबी बिलासपुर सिंह द्वारा किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना देने हेतु अपील की गई है।।।

Share this Article