BALCO’s Malhar 4.0 celebrates creativity, heritage and beauty through the lens, बालको के ‘मल्हार 4.0’ में दिखी सृजनात्मकता, विरासत और बालकोनगर की खूबसूरती…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित इस प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता, बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूपों और कंपनी की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2,000 से अधिक दर्शकों ने देखा।

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‘मल्हार 4.0’ में ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ तीन विषयों पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन तस्वीरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और आसपास की दुनिया को अपने-अपने दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया। प्रत्येक तस्वीर ने एक अलग कहानी, भावना और दृष्टिकोण को सामने रखा।

समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक  राजेश सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रदर्शनी में तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया। इसके साथ ही इस वर्ष ‘दर्शकों की पसंद’ श्रेणी भी शामिल की गई, जिसमें प्रदर्शनी देखने आए प्रत्येक व्यक्ति को क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान करने का अवसर मिला।

सीईओ  राजेश सिंह ने कहा, “मल्हार में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों का प्रतिबिंब हैं। हमारे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी हमारी प्राथमिकता है। मल्हार ने उन्हें अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का मंच दिया है। हमारा प्रयास है कि इसे और व्यापक बनाते हुए अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को जोड़ा जाए, ताकि इन रचनात्मक दृष्टिकोणों को बड़े मंच पर साझा किया जा सके।”

बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से मल्हार में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी इसमें भाग लिया, जिससे उनका अनुभव और भी विशेष हो गया। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ मित्रों की तस्वीरों को भी सुंदर तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए बेहद आनंददायक अनुभव रहा।

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण बालको की विरासत को दर्शाने वाला फोटो संग्रह रहा। इसमें वर्ष 1965 से बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही, फोटोग्राफी के बदलते दौर को दर्शाने के लिए कैमरों का विशेष संग्रह भी प्रदर्शित किया गया। पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक की इस यात्रा ने दर्शकों को तकनीक में आए बदलाव और फोटोग्राफी के विकास को करीब से समझने का अवसर दिया।

‘मल्हार 4.0’ ने केवल एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी के रूप में ही नहीं, बल्कि बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और विविध दृष्टिकोणों को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई।

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