NOW HINDUSTAN. कोरबा/लेमरू। लेमरू वन क्षेत्र के छातीबहार गांव के समीप रविवार शाम भालू के हमले में कोरवा समुदाय के दो बच्चे घायल हो गए। आरोप है कि कपड़े बांटने पहुंचे एनजीओ के कुछ सदस्य दोनों बच्चों को गुफा में शैलचित्र दिखाने के लिए अपने साथ ले गए थे। इसी दौरान गुफा के पास झाड़ियों से निकले भालू ने बच्चों पर हमला कर दिया। भालू को सामने आता देख एनजीओ के सदस्य बच्चों को वहीं छोड़कर भाग निकले। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने शोर मचाकर भालू को भगाया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर कुछ एनजीओ सदस्य कार से छातीबहार गांव पहुंचे थे। वे कोरवा परिवारों को कपड़े बांट रहे थे। इसी दौरान उन्हें गांव के समीप एक गुफा में शैलचित्र होने की जानकारी मिली। शैलचित्र देखने की बात कहकर एनजीओ के सदस्य कोरवा परिवार के दो बच्चों सोनू (13) और मुकेश (8) को अपने साथ गुफा की ओर ले गए।
बताया जा रहा है कि गुफा के समीप पहुंचने के दौरान झाड़ियों से अचानक एक भालू निकल आया। लोगों को देखकर भालू ने बच्चों की ओर हमला कर दिया। भालू को अपनी ओर आता देख एनजीओ के सदस्य बच्चों को मौके पर ही छोड़कर भाग निकले। भालू ने दोनों बच्चों को घायल कर दिया। बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर भालू को जंगल की ओर खदेड़ा।
घटना के बाद ग्रामीणों ने दोनों घायल बच्चों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने गुफा तक बच्चों को ले जाने वाले एनजीओ सदस्यों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे कार में सवार होकर मौके से निकल गए। ग्रामीणों ने गुस्से में उनकी कार पर पथराव भी किया।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम सक्रिय हुई है। विभाग द्वारा बच्चों को गुफा तक ले जाने वाले एनजीओ सदस्यों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में भालू की मौजूदगी और घटना के कारणों की भी जांच कर रही है।

