NOW HINDUSTAN. कोरबा श्यांग थाना अंतर्गत बरपाली गांव निवासी संतोषी उरांव (35) रक्षाबंधन के दिन मायके में भाई को राखी बांधने नहीं पहुंची थी। महिला का भाई उसके घर पहुंचा तो वहां मिले जीजा मनोज उरांव ने उसे रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही मायके के लिए जाने की बात कही। फिर वह परिजनों के साथ नाते-रिश्तेदारों के यहां पत्नी की पतासाजी करने पहुंचा। पत्नी को लापता बताते हुए वह अन्य क्षेत्र में खोजबीन करने जाने की बात कहकर निकल गया। कई दिनों तक वह वापस नहीं लौटा और न संतोषी का पता चला तो चिंतित मायके पक्ष के लोग जब शनिवार को उसके घर पहुंचे, जहां ताला लटका हुआ था।
घर के आंगन से बदबू उठने पर उन्हें संदेह हुआ और वहां खोजबीन की तो सेप्टिक टैंक में संतोषी की लाश मिली। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। लाश कई दिन पुरानी होने पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डॉक्टरों को बुलाया गया। लाश को सेप्टिक टैंक से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने गांव में पूछताछ की तो जानकारी मिली कि रक्षाबंधन पर मायके जाने की बात पर संतोषी का पति मनोज उरांव से विवाद हुआ था। इसके बाद से किसी ने संतोषी को नहीं देखा।
उक्त आधार पर पुलिस मामले में पति द्वारा मारपीट कर संतोषी की हत्या करने और साक्ष्य छिपाने उसकी लाश को सेप्टिक टैंक में डालने का संदेह जताया जा रहा है।

