घर के आंगन में पहुंचा दुर्लभ पैंगोलिन, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक रहवास में छोड़ा……

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN.  जिले के ग्राम पाली पढ़निया में देर रात एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव भारतीय पैंगोलिन (कहट) के घर के आंगन में पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई,प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 12:30 बजे ग्राम निवासी रामरतन सिंह कंवर के घर के आंगन में पैंगोलिन विचरण करता हुआ दिखाई दिया।

पैंगोलिन को देखकर परिवार के सदस्यों एवं ग्रामीणों में कौतूहल उत्पन्न हुआ, लेकिन उन्होंने वन्यजीव को पकड़ने अथवा नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी,ग्रामीणों की इस जागरूकता एवं संवेदनशीलता से वन्यजीव की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

 

सूचना प्राप्त होने पर वनमण्डलाधिकारी, कोरबा जितेंद्र उपाध्याय के निर्देशानुसार तथा उप वनमण्डलाधिकारी श्री मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में, नोवा नेचर से जितेंद्र सारथी टीम सहित मौके पर पहुंचे। वन विभाग एवं रेस्क्यू टीम द्वारा आवश्यक सावधानियां बरतते हुए पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के दौरान वन्यजीव को किसी भी प्रकार की चोट अथवा क्षति न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया,आवश्यक विभागीय प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पैंगोलिन को उपयुक्त प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ने की कार्रवाई की गई।

 

जैव विविधता का महत्वपूर्ण घटक है पैंगोलिन

कोरबा जिला अपने विस्तृत वन क्षेत्र एवं समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में समय-समय पर पैंगोलिन की उपस्थिति दर्ज की जाती रही है। भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) मुख्यतः चींटियों एवं दीमकों को भोजन के रूप में ग्रहण करता है तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पैंगोलिन एक संरक्षित वन्यजीव है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्राम पाली पढ़निया के ग्रामीणों द्वारा वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देना वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण है।

*वन विभाग की अपील*

वन विभाग ने आम नागरिकों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल, खेत, घर अथवा गांव के आसपास कोई वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने, घेरने, छेड़ने अथवा नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। वन्यजीव से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल निकटतम वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम द्वारा वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू एवं आवश्यकतानुसार उसके प्राकृतिक रहवास में पुनर्वास किया जा सके।

*कानूनी संरक्षण*

उप वनमण्डलाधिकारी श्री मणिकांत वर्मा ने बताया कि भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार, अवैध कब्जे, अवैध व्यापार अथवा अन्य प्रकार के अपराधों पर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

जितेंद्र सारथी ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा को अपनी सामुदायिक जिम्मेदारी समझें और किसी भी वन्यजीव के संकट में होने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें।

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में गांव के निखिल कंवर, गजेंद्र कंवर, मनीष, रामरतन, सत्यम, सुशील, कंवर की विशेष रूप से बचाने के सहयोग दिया।

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