विद्यार्थियों को जिले में ही मिलेगा फिजियोथेरेपी शिक्षा का अवसर
फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा। 50 सीटों के साथ कॉलेज की शुरुआत होने से स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
मरीजों को भी मिलेगी फिजियोथेरेपी उपचार की सुविधा
कॉलेज के संचालन से फिजियोथेरेपी शिक्षा के साथ-साथ उपचार सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वर्तमान में जिले के अनेक मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी से जुड़ी विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार से मरीजों को भविष्य में बेहतर सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के साथ उपचार सुविधाओं का विकास जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
चराईडांड में बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस
फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के पास करीब 13.93 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस तैयार करने की योजना है। स्थायी परिसर के निर्माण तक कंडोरा में तैयार भवन का उपयोग कॉलेज संचालन के लिए किया जाएगा। इससे एक ओर वर्तमान में उपलब्ध भवन का उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर भविष्य में कॉलेज के लिए आधुनिक एवं बेहतर सुविधाओं से युक्त स्थायी परिसर विकसित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार को लगातार गति मिल रही है।फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत जिले के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों के साथ आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
