निगम द्वारा लगाए गए सौन्दर्यीकरण के नाम पर लोहे के ग्रिल पर फैला तारों का जाल दे रहा दुर्घटना को आमंत्रण…

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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कोरबा NOW HINDUSTAN  कोरबा जिला वैसे तो ऊर्जाधानी के नाम से जाना जाता है जहां कई पावर प्लांटों के द्वारा देश-विदेश तक बिजली पहुंचाई जाती है लेकिन कोरबा जिले में चौपट विद्युत व्यवस्था का हाल किसी से छुपा नहीं है। जहां करोड़ों खर्च करने के बाद भी बिजली गुल होने की समस्या आए दिन बनी रहती है वही जगह-जगह बेतरतीब ढंग से ट्रांसफॉर्मर के पास खुले बिखरे तार दुर्घटना को आमंत्रित करते देखे जा सकते हैं।
कोरबा शहर के घंटाघर स्थित चौपाटी के पास स्थित ट्रांसफार्मर की बात करें तो यहां विद्युत विभाग के अधिकारी ट्रांसफार्मर के पास लगे ग्रीप से ही कनेक्शन दे दियें गए हैं वहीं कई ऐसे कनेक्शन धारी हैं जो अवैध तरीके से कनेक्शन जोड़कर चौपाटी में दुकान रोशन कर रहे हैं।

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जानकारी के मुताबिक चौपाटी में एक कमर्शियल मीटर से लगभग डेढ़ सौ दुकानों में कनेक्शन दिया गया है वहीं कुछ लोग अवैध कनेक्शन भी लगाए हुए हैं जिस पर विभाग की नजर शायद नहीं पड़ रही है, वही निगम द्वारा सुंदरता की दृष्टिकोण से लगाए गए लोहे के ग्रिल में लपेटकर कई कनेक्शन धारी अपनी दुकानों तक कनेक्शन ले गए अगर इस दौरान तारों के आपसी रगड़ में कहीं तार खुल जाती है या स्पार्क हो जाती है तो पूरे लोहे के ग्रिल पर करंट प्रवाहित हो सकता है। जिससे एक बड़ी दुर्घटना जिले में पुनः घट सकती है। बरसात के दिनों में यह संभावना और भी बढ़ जाती है, चौपाटी होने के कारण यहां कई लोग फुटपाथ में ग्रिल के सहारे दुकान लगाते हैं इसके साथ साथ चौपाटी में बच्चों से लेकर बड़ों तक घूमने वाले लोगों द्वारा गाहे-बगाहे लोहे की ग्रिल को छू लिया जाता है जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। वही कई ऐसे दुकान संचालक हैं जो ग्रिप के पास से अवैध कनेक्शन जोड़कर दुकान का संचालन कर रहे हैं। कई ऐसे विद्युत मीटरों से एक से अधिक कनेक्शन जोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि कुछ वर्ष पहले बरसात के दिनों में विद्युत से चिपक कर चौपाटी में एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है बावजूद इसके लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में यह माना जा रहा हैं की ना विद्युत विभाग को लोगों की जान की चिंता ना निगम को आम लोगों की जान की परवाह हैं l

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