कनकी मंदिर के पास गाज गिरने से दर्जनों पक्षियों के साथ दुकान लगा कर बैठा व्यापारी झुलसा…

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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कोरबा NOW HINDUSTAN वन विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते फिर से दर्जनों प्रवासी पक्षी गाज की चपेट में आने से मृत, वही कनकी मेले में दुकान लगा कर बैठा व्यपारी गाज की चपेट में आने से झुलस गया जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, एक तरफ कनकी को पर्यटन घोषित किया गया और दूसरी तरफ सुरक्षा के नाम अनदेखा किया जा रहा है ,

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कोरबा तेज गरज के साथ हो रही बारिश के दौरान कनकेश्वर धाम, कनकी में प्रवासी ओपन बिल स्टार्क पक्षियों की गाज की चपेट में आने से मौत हो गई।और मेला में आये  व्यपारी भी घायल है जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिसकी हालात गंभीर बताई जा रही है।
करतला ब्लॉक के कनकेश्वर धाम में शिव मंदिर है, जिसके परिसर में स्थित पेड़ों पर हजारों पक्षी हर साल बारिश के ठीक पहले पहुंचते हैं। सावन महीने में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये पक्षी बड़ा आकर्षण होते हैं। प्रायः हर वर्ष गाज गिरने से इनमें से कई पक्षियों की मौत भी हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की ओर से इन पक्षियों के संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अपने प्रयास से पेड़ों के इर्द-गिर्द जाली लगाई थी लेकिन अधिकांश टूट चुकी है। तड़ित चालक लगाकर आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान से इनको बचाने का प्रयास पूर्व में किया गया था लेकिन यह भी अब टूट-फूट चुका हैं। वर्तमान में  तड़ित चालक लगाया गया है ,परन्तु तड़ित चालक महामाया मंदिर के शिखर पर लगा दिया गया है जिसके चलते प्रवासी पक्षियों के साथ मंदिर परिसर में और खतरा मंडरा रहा है ,

वन विभाग प्रवासी पक्षी ओपन बिल स्टार्क के संरक्षण और देख रेख में लापरवाही बरत रहे है जिसका ताजा उदाहरण आज रात देखने को मिला जिसमे एक व्यवसायी घायल और कुछ प्रवसीय पक्षी मृत हो गए है

प्रवासी पक्षी यहाँ अपने वंश वृद्धि के लिए आती है अक्टूबर माह तक इनके बच्चे अंडे से निकल आते है और नवम्बर तक उड़ना सिख जाते है नवम्बर में प्रवसी पक्षी कनकी से चले जाते है

वर्धा को ध्यान देते हुए जल्द से जल्द तड़ित चालक लगाना चाहिए ताकि आने वाले पक्षियों की सुरक्षा हो सके

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