राम मंदिर बालको में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी,समिति अध्यक्ष हितानंद ने अभिषेक किया…

Rajesh Kumar Mishra
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कोरबा NOW HINDUSTAN जन्माष्टमी पर्व को भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, यह पर्व पूरी दुनिया में पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी को भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं, श्री कृष्ण युगों-युगों से हमारी आस्था के केंद्र रहे हैं। वे कभी यशोदा मैया के लाल होते हैं, तो कभी ब्रज के नटखट कान्हा, श्री राम मंदिर बालको में भी बालको सेवा समाज श्री राम मंदिर समिति द्वारा धूमधाम से पर्व मनाया गया |

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इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष, बालको सेवा समाज के अध्यक्ष हितानंद अग्रवाल अपनी पत्नी बरखा अग्रवाल के साथ शामिल होकर पूजा अर्चना की | श्री अग्रवाल ने कहा कि जन्माष्टमी पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। एक समय आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का 8वां पुत्र उसका वध करेगा। यह सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी को उसके पति वासुदेवसहित काल-कोठारी में डाल दिया। कंस ने देवकी के कृष्ण से पहले के 7 बच्चों को मार डाला। जब देवकी ने श्री कृष्ण को जन्म दिया, तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे श्री कृष्ण को गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचा आएं, जहां वह अपने मामा कंस से सुरक्षित रह सकेगा। श्री कृष्ण का पालन-पोषण यशोदा माता और नंद बाबा की देखरेख में हुआ। बस, उनके जन्म की खुशी में तभी से प्रतिवर्ष जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है।

बालको सेवा समाज सचिव सुधीर शर्मा , कोसाध्यक्ष अशोक पटेल , लघ्नेश जी , अंजनी , पोपेंद्र , रविन्द्र , नरेश तिवारी , बबिता चंदेल , चंद्रा जी एवं समिति के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम सम्पन्न कराया । पूजा विनय मिश्रा महाराज ने सम्पन्न कराया ।

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