विधिक जागरूकता शिविर में बच्चों को दी गई कानूनी शिक्षा….

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN जिला न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष डी.एल. कटकवार के निर्देश पर प्राधिकरण द्वारा निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल सीबीएसई रिसदी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट विक्रम प्रताप चन्द्रा के द्वारा छात्र-छात्राओं को विधिक जानकारी दी गई।
इस अवसर पर न्यायाधीश श्री चन्द्रा ने बताया कि विधि के विपरीत कार्य करना अपराध होता है, चाहे वह जाने-अनजाने में क्यों न हो। विद्यालय में हम कोई भी नियम का उल्लंघन करते हैं तो हमें शिक्षक दण्ड देते हैं, उसी प्रकार विधि के विपरीत कोई कार्य यदि भूल से भी हो सकता हैं, हम यह नहीं कह सकते है कि हमें इसकी जानकारी नहीं थी। राष्ट्रपति के द्वारा किसी भी विधेयक में हस्ताक्षर होने के बाद वह कानून बन जाता है, जिसका पालन करना हमें आवश्यक होता है। उनके द्वारा छात्राओं को गुड टच-बेड टच, बालको के लैंगिंग अपराधों के संरक्षण अधिनियम 2012 से संबंधित जानकारी देते हुये कहा गया कि जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है वे बालकों की श्रेणी में आते है।
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि 16 दिसम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राजीनामा समस्त प्रकार के प्रकरणों का आपसी समझौता के माध्यम से निराकरण होगा। मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम की जानकारी देते हुये कहा गया कि बिना लायसेंस, वाहन के बीमा, वाहन का आर.सी. बुक के साथ ही वाहन का संचालन किया जाए।बीमा समय पर कराया जाना अति आवश्यक है, समय की चूक के गंभीर परिणाम हो जाते हैं। जब कोई दुर्घटना घटित होती है तो एफआईआर में दिनांक व समय को लिखा जाता है। वाहन का बीमा नहीं होने से संपूर्ण मुआवजा का खर्च वाहन मालिक को देना पड़ता है।
न्यायाधीशों द्वारा बच्चों को मोबाईल का सीमित उपयोग किये जाने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मोबाईल का सद्पयोग किया जाए। बिना पढ़े कोई भी मैसेज फारवर्ड न करें, गलत मैसेज फारवर्ड करने पर साइबर कानून के तहत अपराधिक मामला पंजीबद्ध किया जा सकता है। नशा करना, नशा का पदार्थ रखना सभी अपराध की श्रेणी में आता है।
उक्त कार्यक्रम में प्राचार्य सीनियर सैनी मैरी, हीमा कैवर्त्य, बरनाली पॉल, रश्मि सिंह, रूचि मिश्रा, सबरीना राजुरकर, पीएलव्ही पीएल सोनी व अहमद खान आदि उपस्थित थे।

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