संस्कृति, सभ्यता और विरासत सहेजने से ही हो पाएगा विकास: श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च…..

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा। देश में सनातन धर्म के प्रति अब लोग ज्यादा जागरूक हो रहे हैं, इसलिए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग अच्छे स्तर पर पहुंच गई है। अब देश में अध्यात्म की राह में लोग बढ़ रहे हैं। सनातन धर्म की संस्कृति, सभ्यता और विरासत सहेजने से ही सबका विकास होगा। उक्त विचार श्रीधाम वृद्धावन के रसिक भागवताचार्य श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च ने कोरबा प्रेस क्लब में आयोजन प्रेस वार्ता के दौरान व्यक्त की।

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वे शहर के रविशंकर शुक्ल नगर के चिल्ड्रन पार्क ग्राउंड में श्रीहित सहचरी सेवा समिति द्वारा दूसरे वर्ष आयोजित श्रीमद् भागवत कथा रसोत्सव में कथा का रसास्वादन कराने पहुंचे हैं। श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च जी ने बताया कि 4 जनवरी से 11 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 3.30 से शाम 6.30 बजे तक चलने वाले श्रीमद् भागवत कथा रसोत्सव में पहले दिन कल गुरुवार को शोभायात्रा निकाली गई। वहीं शुक्रवार से कथा का शुभारंभ किया गया है। शोभायात्रा एक दिन पूर्व इसलिए निकाली गई कि कथा शुरू होने पर किसी तरह का खींचतान की स्थिति न रहे। उन्होंने बताया कि वृद्धावन में उनकी संस्था कन्या विवाह समेत अन्य मानव व समाज सेवा से जुड़े आयोजन करती है। सनातन धर्म के बारे में प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश में गीता प्रेस गोरखपुर का पुस्तक के जरिए सनातन धर्म के प्रति प्रचार प्रसार में अहम योगदान रहा है, दूसरा आरएसएस द्वारा व्यापाक रूप से प्रचार किया गया जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है। पूर्व में धर्माचार्य द्वारा व्यापाक प्रचार करना था लेकिन नहीं किया गया परंतु अब देश के हर कोने कोने में भक्तिमय कार्यक्रम के दौरान धर्माचार्य सनातन हिंदूत्व का प्रचार कर रहे हैं। लोग जागरूक हुए तो अब धर्मांतरण में कमी आ रही है। दूसरे धर्मो में गए लोग वापस अपने धर्म में वापसी कर रहे हैं।

*जाने कब और क्या आयोजन होगा*

कथा प्रारम्भ : 04 से 11 जनवरी 2024
कथा समय : दोप. 03:30 बजे से 6:30 बजे तक
04 जनवरी 2024, गुरुवार
प्रातः 9 बजे से देव आवाह, प्रतिष्ठापन पूजन दोपहर 12 बजे से भव्य शोभा यात्रा
05 जनवरी 2024, शुक्रवार
श्रीम‌द्भागवत माहात्म्य प्रसंग,
सूत शौनकादिक मुनि संवाद
06 जनवरी 2024, शनिवार
श्रीम‌द्भागवत रचना, देवऋषि नारद, पूर्वजन्म प्रसंग, कुन्ती स्तुति भीष्म स्तुति, राजा परीक्षित जन्म, शुकदेव मुनि आगमन
07 जनवरी 2024, रविवार
कपिल देवहुति संवाद, धुव चरित्र, जड़भरत चरित्र भारत महिमा वर्णन, प्रह्लाद चरित्र एवं नृसिंह अवतार
08 जनवरी 2024, सोमवार
गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम अवतार, श्रीकृष्ण जन्म एवं नन्दोत्सव
09 जनवरी 2024, मंगलवार
श्री राधा जन्म, श्रीकृष्ण बाल लीलायें, श्री गोवर्धन पूजन एवं छप्पनभोग
10 जनवरी 2024, बुधवार
रासपंचाध्यायी (श्री महारासलीला) मथुरा गमन, कंसवध उद्धव-गोपी संवाद एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी मंगल विवाह प्रसंग
11 जनवरी 2024, गुरुवार
सुदामा चरित्र, कृष्ण-उद्धव संवाद, श्रीशुकदेव पूजन, श्रीमद्भागवत संक्षिप्त विषय अनुक्रमिका एवं संकीर्तन
12 जनवरी 2024, शुक्रवार : विशाल भण्डारा प्रभात फेरी प्रात: 6 बजे से

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