कलेक्टोरेट सभाकक्ष में खण्ड चिकित्सा अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक , बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया फैलने की संभावना को देखते हुए शहरी क्षेत्रो में नगर निगम से समन्वय बनाकर कार्य करें……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. कोरबा  कलेक्टर की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में खण्ड चिकित्सा अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी,जिला टीकाकरण अधिकारी ] जिला कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त नोडल अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ,शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, आरएमएनसीएचए, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक तथा अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों(जैसे वयोवृद्ध शिविर मलेरिया , ,कुष्ठ , सिकलसेल जॉच, आयुष्मान कार्ड, एचआरपी, मातृस्वास्थ्य, प्रसव, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण परिवार कल्याण , एनसीडी, एनक्यूएएस, आयुष,आरबीएसके, एनआरसी दवाओं की उपलब्धता ) की प्रगति के संबंध में विस्तार से बताया गया। कलेक्टर महोदय ने समीक्षा के दौरान कहा कि बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया फैलने की संभावना को देखते हुए शहरी क्षेत्रो में नगर निगम से समन्वय बनाकर कार्य करें। टीबी की समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि सभी टीबी संभावित मरीजों का नाट टेस्ट एवं एक्सरे कराकर उपचार प्रदान करें । एक्सरे एवं अन्य उपकरण जेम से खरीदते समय ध्यान रखें की गुणवत्तापूर्ण तथा प्रचलित रेट पर खरीदा जावे। कुष्ठ कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होने कहा कि कुष्ठ के मरीजों को चिन्हांकित करने सघन क्षेत्रों अभियान चलाकर स्क्रीनिंग किया जावे। ग्रेड 2 डिफार्मिटी केस की रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कराया जावे।

आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी सौंपे गए कार्य नही करता है उसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी निलंबित करें। जिनका आधार अपडेट होने के बाद है 07 दिवस में छुटे हुए लोगो का आयुष्मान कार्ड बनाया जावे। विकासखंड स्तर पर प्रायवेट चिकित्सालयों के आयुष्मानफर्जी क्लेम की निगरानी बीएमओ करेंगे । फर्जी क्लेम नहीं होना चाहिए। प्रायवेट हॉस्पीटल का क्लेम पुटअप करने कामुक्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिया । मातृ स्वास्थ्य की समीक्षा के दौरान उन्होने निर्देशित किया कि समस्त गर्भवती माताओ मे एचआरपी की पहचान कराना है। सामु.स्वा.केन्द्र, प्रा.स्वा.केन्द्र तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रेां में दिन में प्रसव हो सकता है तो रात्रि में भी प्रसव करावें । अनावश्यक रेफर ना करें।

रानी धनराज कुंवर शहरी सामुस्वास्थ्य केन्द्र में 02 स्त्री रोग विशेषज्ञ के होते हुए भी सी-सेक्शन कम हो रहा है वहॉ एस समंध में वयवस्था में सुधर के निर्देश दिए । सभी स्वास्थ्य केद्रों में निर्धारित लक्ष्य अनुसार प्रसव कराया जावे। जहॉ 20 से ज्यादा प्रसव हो रहे हैं वहॉ संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए । मातृ मृत्यु की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 102 एम्बूलेंस में इएमटी नियुक्त नहीं है कभी आपात स्थिती में प्रसव हो जाता है तो परेशानी होती है इसपर कलेक्टर महोदय ने निर्देशित किया कि डीएमएफ से इएमटी की नियुक्ति की जावे। एनआरसी की समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि एनआरसी में 100 प्रतिशत आक्यूपेंसी होना चाहिए।

शिशु मृत्यु संस्थागत कमी से नही होना चाहिए। सिकल सेल चिन्हांकित मरीजों को दिव्यांग कार्ड उपलब्ध कराना है । सिकल सेल के मरीजों का इलेक्ट्रोफोरेसिस जॉच करवाकर दिव्यांग कार्ड बनाया जावे। वयोवृद्ध कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होने निर्देशित किया कि नाक कान गला से संबंधित चिन्हांकित मरीजों तथा मोतियाबिन्द्र के रेफर मरीजों का उपचार एवं ऑपरेशन तथ सभी प्रकार कि सेवाए उपलब्ध कराया कराया जावे। जिनका उपचार मेडिकल कॉलेज में हो सकता है उपचार कराया जावे साथ ही सीएचसी में शिविर लगाकर उपचार किया जावे । मोतियाबिन्द्र मरीजों की सर्जरी करावे बीएमओ फॉलोअप करें। अंत में उन्होने निर्देशित किया कि समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शतप्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करे।

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