टर्मिनल और चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा होने के बाद ही सड़को पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिकल बसें……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  सड़को पर चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है, इसके अंतर्गत इको फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट पर काम करने की योजना बनाने के साथ क्रियान्वित की जा रही है। बिजली से चलने वाली यात्री बस अब छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई क्षेत्रों में चल रही हैं। कोरबा जिले में इलेक्ट्रिकल बसों का संचालन अगले वर्ष में हो सकेगा। क्योंकि यहाँ टर्मिनल और चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा नहीं हो पाया हैं, यानी लोगों को इसकी सुविधा के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा।

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जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक बस संचालित करने की योजना केंद्र सरकार की है। किफायती और पॉल्यूशन फ्री सेवा देने के अंतर्गत इस योजना को हाथ में लिया गया है। कोरबा क्षेत्र में 40 इलेक्ट्रिकल बस देने की प्रस्ताव को सरकार ने पिछले वर्ष मंजूर किया। इसके बाद आगे की प्रक्रियाओं पर कार्य शुरू किया गया। इसके अंतर्गत आधारभूत कार्य जमनीपाली के प्रतीक्षा बस स्टैंड में संपादित कराए जा रहे हैं। वर्ष 2018 में इसी स्थान से सिटी बस संचालन के लिए टर्मिनल की व्यवस्था की गई थी। इसी परिसर को नवीन योजना के संचालन के लिए उपयुक्त पाया गया है और आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। अप्रैल 2025 में संबंधित कार्य के लिए निविदा लगी थी, जिस पर अगली कार्यवाही शुरू की गई है।

बताया गया कि टर्मिनल निर्माण के लिए कार्य कराये जा रहे हैं।सिविल वर्क प्रगति पर है। जमनीपाली में प्रतीक्षा बस स्टैंड क्षेत्र पर आधारित इस परियोजना को पूरा करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तय किया गया है। इसके अनुसार अधिकारियों की निगरानी में कार्य किए जा रहे हैं। खबर के अनुसार अप्रैल में हुए टेंडर के बाद काम प्रारंभ हुआ जिसे 10 महीने की सीमा में पूर्ण करना है।

* सस्ती आवागमन सुविधा मिलेगी लोगों को´

इलेक्ट्रिकल बसों का प्रयोग अब तक देश के कई शहरों में किया गया है और यह सफल रहा है। छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में ऐसी बसें उतारने की योजना को मंजूरी दी गई है। औद्योगिक जिला कोरबा के अंतर्गत कोरबा शहर और उपनगरीय क्षेत्र कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, बालकोनगर, जमनीपाली, दीपका, रजगामार जैसे क्षेत्रों में लाखों की संख्या में कामकाजी वर्ग और आम लोग निवासरत हैं। कोयला खदानों, बिजलीघरों, एल्यूमिनियम संयंत्र और अन्य उद्योगों में ऐसे लोगों को हर दिन जाना होता है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज व अन्य संस्थानों में काम करने वाला वर्ग भी सस्ती आवागमन सुविधा से लाभान्वित हो सकेगा।

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