NOW HINDUSTAN. Korba. ग्राम पंचायत पकरिया के नवापारा गांवों के एक मैदान में स्थित एक सूखा पेड़ इन दिनों स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देखने में सामान्य और वर्षों से सूख चुका यह पेड़ अब रंगीन बोतलों की सजावट से झिलमिला उठता है। यह अनोखी सजावट गांव के बच्चों के द्वारा की गई, जिन्होंने बेकार पड़ी कांच की बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें कला और जागरूकता का माध्यम बनाया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कुछ महीने पहले तक यह पेड़ पूरी तरह बेजान और कुरूप नजर आता था।
- Advertisement -

बच्चों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बोतलों को पुन: उपयोग करने की सोच बनाई। घरों, दुकानों और आसपास की जगहों से अनुपयोगी बोतलें एकत्र कीं। इन बोतलों को रंगकर धागों के सहारे पेड़ की शाखाओं पर टांग दिया गया। देखते ही देखते बेजान पेड़ आकर्षक दृश्य में बदल गया। स्थानीय निवासियों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि गांव में इस तरह की पहल पहली बार देखी गई है। वहीं स्कूल के बच्चों का मानना है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो बेकार चीजों को भी सुंदर और उपयोगी बनाया जा सकता है।
बच्चों ने बताया कि उनका उद्देश्य गांव में स्वच्छता और प्लास्टिक कचरे के पुन: उपयोग को लेकर संदेश देना है। साथ ही बच्चों और ग्रामीणों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने का प्रयास भी है। उनका यह भी कहना है कि यदि गांव में समर्थन मिले, तो वे ऐसे और प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं। शाम ढलने पर सूर्य की किरणें बोतलों पर पड़ते ही पेड़ चमकने लगता है। लोग दूर से ही इसे देखने पहुंच रहे हैं। यह अनोखी पहल न केवल पर्यावरण संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सामूहिक प्रयास से छोटे-छोटे बदलाव सुंदर रूप ले सकते हैं।

