दीपका में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक महोत्सव लोक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति से गूंजा क्षेत्र…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. दीपका, कोरबा में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को समर्पित एक भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन दीपका में किया गया। यह आयोजन गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और गौरव पथ संघर्ष समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। दोनों संगठनों के संयुक्त प्रयासों से यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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महोत्सव के मुख्य आकर्षण रहे राऊत नाचा,सुवा नाचा,पंथी,कर्मा और ,गेंड़ी नाच, जैसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्ण प्रदर्शन कर राज्य की ग्रामीण परंपराओं, प्रकृति पूजा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

इसके अलावा, रैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। इन झांकियों में लोक कला, रीति-रिवाज और विरासत का सुंदर चित्रण किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।

आयोजन में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन स्थल पर तालियों और उत्साह की गूंज लगी रही।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना दीपका के पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें भारत पटेल, प्रकाश जायसवाल, गणेश साहू, सर्वेश सागर, भुवन सिंह, अनिल कुमार बिसाहू, जोगिंदर साहू और नरेंद्र कुमार प्रमुख रूप से शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान की।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और गौरव पथ संघर्ष समिति ने इस महोत्सव के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। स्थानीय लोगों ने दोनों संगठनों के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे गैर-राजनीतिक सांस्कृतिक आयोजनों की निरंतरता की मांग की।

यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि छत्तीसगढ़ी अस्मिता और गौरव को जगाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

पुरस्कार वितरण
महोत्सव में लोक नृत्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया

पहला पुरस्कार ,छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी,और जिला संयोजक अतुल दास महंत द्वारा दिया गया। विजेता,राउत नाचा बिलाईगढ़
दूसरा पुरस्कार,महेंद्र कांत कुर्रे कान्हा अहीर विजेता,राउत नाचा – नेवसा
तीसरा पुरस्कारगणेश ऊईके अजय यादव नेटी द्वारा दिया गया। विजेता,राउत नाचा – नान बांका

ये पुरस्कार लोक कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ की लोक कला को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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