
NOW HINDUSTAN. Korba. Bihar. प्रगति सिंह के चयन पर उन्हें प्रखंड वासियों ने बधाई एवं शुभकामना देते हुए कहा की पुरुष की अपेक्षा आज हमारी बेटियां भी पुरुषों से कम नहीं है. हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही है. उसने प्रखंड, जिला ही नहीं राज्य का नाम रोशन किया है .जिससे हम सभी गौरवान्वित है. उसकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे वैशाली जिले के लिए गर्व का क्षण बन गई है।
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खबर मिलते ही राजापाकर और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई. प्रगति सिंह के पैतृक गांव राजापाकर दक्षिणी पंचायत के छावनी टोला में उत्सव जैसा माहौल है. उनके चाचा प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसाई बजरंग प्रसाद सिंह के आवास पर बधाई देने वालों की भीड़ जुट रही है. ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रगति की इस उपलब्धि को जिले की बेटियों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वर्ष 2003 में जन्मी प्रगति सिंह ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. उनके पिता प्रमोद कुमार सिंह भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक में उप प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं. प्रगति की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल अमृतसर में, माध्यमिक शिक्षा डीएवी स्कूल अमृतसर से तथा स्नातक की पढ़ाई गुरुनानक देव विश्वविद्यालय से हुई है वर्तमान में वह स्पोर्ट्स कोटे से एसबीआई अमृतसर में कार्यरत हैं.
प्रगति एक प्रतिभाशाली ऑलराउंडर के रूप में जानी जाती हैं. वह अंडर-19 भारत-बी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. और पंजाब टीम की कप्तान के रूप में भी अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दे चुकी हैं. घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के आधार पर ही दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग डब्लूपीएल के लिए अपनी टीम में शामिल किया है.
प्रगति सिंह की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए नई राह खोलेगी और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा देगी. अन्य लड़कियों के लिए भी खेल के क्षेत्र में प्रगति सिंह के बढ़ते कदम प्रेरणा स्रोत बन गई है. पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अच्छा प्रदर्शन करने पर ऊंची मुकाम हासिल कर सकते हैं.।
संवाददाता राजेन्द्र कुमार


