30 जनवरी को देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों के खुलने का किया विरोध………

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN korba.  कोरबा- युवा कांग्रेस के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन 30 जनवरी को देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों के खुलने का विरोध किया।
निहारिका एवं टीपी नगर में संचालित अंग्रेजी शराब दुकानों के सामने युवा कांग्रेस नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और आबकारी मंत्री का पुतला फूॅंका, पुतले में दारू मंत्री लखन लाल देवांगन लिखा हुआ था। इन दोनों जगह युवा नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर लेकर रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम भजन का गायन करते रहे।

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युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि के दिन भी छत्तीसगढ़ प्रदेश में शराब दुकानें खोले गए। श्री पंकज ने कहा कि साल के 365 दिनों में मात्र 07 दिन शराब की दुकानें बंद रखी जाती है। इसमें भी बीजेपी सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि 30 जनवरी के साथ मोहर्रम एवं होली में बंद रहने वाले नियम को बदलकर शराब दुकानें खोलने का फरमान जारी किया है। बदले नियम के अनुसार अब गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त, 02 अक्टूबर गांधी जयंती एवं 18 दिसंबर गुरु घासीदास जयंती के दिन अर्थात् साल में मात्र 04 दिन शराब की दुकानें बंद रखा जावेगा।

जिला अध्यक्ष राकेश पंकज ने आगे कहा कि जैसे मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर वीबीरामजी रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया गया और अब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि के दिन हर हमेशा से बंद रखे जाने वाले शराब की दुकानों को खोले जाने के नियम से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को युगपुरुष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांत, विचार, शांति के मसीहा, सत्य और अहिंसा मानवता के कल्याण आदि से कोई लेना देना नहीं है। ये लोग दिखावे मात्र के लिए ही या मजबूरी में ही याद करते हैं।

युवा कांग्रेस के साथ-साथ महिला कांग्रेस सहित समस्त कांग्रेस परिवार इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हैं।
युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष विवेक श्रीवास ने कहा कि गांधी जी के पुण्यतिथि, जयंती, 15 अगस्त, 26 जनवरी, होली, मोहर्रम, गुरु घासीदास जयंती आदि विशेष धार्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महापर्व के अवसरों पर शराब दुकानें बंद रखने की परंपरा हमेशा से रही है। इन परंपराओं को आगे भी निभाते रहते तो क्या गजब हो जाता। क्या छत्तीसगढ़ प्रदेश की सरकार शराब बिक्री के ही बलबूते चल रही है।

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