बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत  जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन…….

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. Bihar. राजापाकर /वैशाली बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हाजीपुर (वैशाली) के निर्देशों के आलोक में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत  जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलकुंडा में किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र–छात्राओं के साथ-साथ समाज में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसके दुष्परिणामों की जानकारी देना था. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में जागरूकता सत्र के साथ की गई. इस अवसर पर बाल विवाह से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

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विधिक सेवक पंकज कुमार ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है. कम उम्र में विवाह हो जाने से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है. जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है. विशेष रूप से बालिकाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव अधिक पड़ता है. जिससे उनका स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन प्रभावित होता है।

इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती मीनू कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति रही. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज की एक गंभीर समस्या है. जिसे समाप्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने छात्र–छात्राओं को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त कर सकता है. साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवार एवं आसपास के समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाएँ.

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों द्वारा बाल विवाह के कारणों दुष्परिणामों एवं रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला गया. वक्ताओं ने बताया कि गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक दबाव तथा रूढ़िवादी सोच बाल विवाह के प्रमुख कारण हैं. साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत में लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है. इस कानून का उल्लंघन दंडनीय अपराध है.

कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार, साधना कुमारी, अवनीत कुमार, पवन कुमार आज़ाद, मंजू कुमारी, सतीरंजन मिश्रा, रामनाथ पंडित, प्रीति कुमार, आरती मिश्रा सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यालय कर्मी उपस्थित रहे. सभी उपस्थितजनों ने अपने विचार साझा करते हुए बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को इस सामाजिक कुरीति से दूर रहने के लिए प्रेरित किया.

इस अवसर पर छात्र–छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और बाल विवाह के विरुद्ध अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकगण, छात्र–छात्राएँ एवं विद्यालय कर्मियों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली.

अंततः विद्यालय प्रशासन द्वारा यह संकल्प व्यक्त किया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा ताकि समाज से बाल विवाह जैसी कुरीति को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सके.

संवाददाता राजेन्द्र कुमार

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