
NOW HINDUSTAN. Korba. केंद्रीय सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 पूरी तरह से जनविरोधी और दिशाहीन है। यह बजट देश के किसानों, मजदूरों, बेरोजगार युवाओं, छात्रों और आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा है।
किसान बढ़ती लागत, कर्ज़ और फसल के उचित मूल्य के संकट से जूझ रहा है, लेकिन बजट में एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज़ राहत या पीएम किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी जैसे किसी भी ठोस उपाय का अभाव है।
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देश का युवा वर्ग बेरोजगारी की मार झेल रहा है, परंतु बजट में स्थायी रोजगार, सरकारी भर्तियों और रोजगार सृजन को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। यह बजट युवाओं को नारे देता है, नौकरियाँ नहीं।
मजदूर और श्रमिक वर्ग के लिए न न्यूनतम मजदूरी की गारंटी है, न सामाजिक सुरक्षा का विस्तार। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को इस बजट में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों में बजट आवंटन बेहद निराशाजनक है। सरकारी स्कूल, विश्वविद्यालय, अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएँ आज भी संसाधनों की कमी से जूझ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में ये पीछे हैं।
यह बजट महंगाई से राहत, मध्यम वर्ग को कर राहत और आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने में भी असफल रहा है।
स्पष्ट है कि यह बजट जनकल्याण का नहीं, बल्कि चुनिंदा पूंजीपति वर्ग के हितों का दस्तावेज़ है।
कांग्रेस पार्टी इस किसान-विरोधी, युवा-विरोधी और मजदूर-विरोधी बजट का लोकतांत्रिक तरीके से हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।


