औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट : कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन…..

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba.  वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बजट में MSME और बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में माइनिंग आधारित औद्योगिक कॉरिडोर, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क की स्थापना से राज्य का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आर्थिक ऋण गारंटी और कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य के उद्यमियों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उद्योग-हितैषी वातावरण बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के प्रावधान से स्थानीय इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कंटेंट इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से डिजिटल उद्योग, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खुलेंगे। वहीं, बेहतर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। छोटे किसानों की उद्यमशीलता, पशुधन विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और 500 अमृत जलाशयों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

श्री देवांगन ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और समग्र विकास के माध्यम से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।

सभी वर्गों का रखा गया है ख्याल : विधायक प्रेमचंद पटेल

विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारे देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 53.5 लाख करोड़ रुपये का आम बजट पेश किया गया। इस आम बजट की परिकल्पना ‘विकसित भारत 2047’ को ध्यान में रखकर की गई है। इसमें देश के सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। खासकर महिलाओं को सशक्त बनाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से जिले और प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छोटे करदाताओं को भी इससे लाभ मिलेगा। निश्चित रूप से सभी वर्गों के लिए किया गया यह प्रावधान आमजन को राहत प्रदान करेगा।

जनकल्याणकारी बजट

यूनियन बजट 2026 को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। आमजन, स्वास्थ्य कर्मियों, युवा प्रतिनिधियों एवं महिला समूहों ने बजट को जनकल्याणकारी और भविष्य उन्मुख बताया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजगरबहार में पदस्थ शिव राठौर ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बीमारियों से संबंधित दवाओं को सस्ता किए जाने से गरीब एवं मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। समय पर उपचार और कम लागत में दवाओं की उपलब्धता से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।

जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में कार्यरत आकांक्षी ब्लॉक फेलो विनय कुर्रे ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास को गति देने वाला है। यह ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आय एवं टैक्स से जुड़े प्रावधान मध्यम एवं गरीब वर्ग के लिए लाभकारी हैं, जिससे आर्थिक मजबूती आएगी।

ग्राम बेलाकछार की समूह से जुड़ी श्रीमती ऋतु कर्ष ने बताया कि बजट में स्व-सहायता समूहों के लिए किए गए प्रावधानों से महिलाओं की आर्थिक सहभागिता बढ़ेगी। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण के प्रस्ताव से बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

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