NOW HINDUSTAN. Korba. कुसमुंडा के आदर्श नगर में सफाई कर्मी द्वारा डोर टू डोर कॉलोनी में कचरा लेकर उसे मेंन रोड के किनारे या हेलीपैड के पास फेंका जा रहा है जिस पथ में कचरा फेंका जा रहा है उसके आसपास रहने वाले लोगों के अलावा सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का घरों में बैठना मुश्किल हो गया है। वह खिड़की-दरवाजा बंद कर अपने घर में रहने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उनका कहना है कि कूड़े के ढेर से मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
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लोगों का आरोप है कि एसईसीएल सिविल विभाग द्वारा नियमित निगरानी नहीं किए जाने के कारण सफाई कर्मी मनमानी कर रहे हैं। कूड़ा गिराते समय यदि कोई कर्मी लोगों की नजर में आ जाता है तो लोग उसका विरोध करते हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नगर परिषद के पास कोई स्थायी डंपिंग अड्डा नहीं है। इसी कारण शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों को ही कूड़ा फेंकने का स्थान बना दिया गया है।
जहां-तहां कूड़ा गिराए जाने से न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि शहर की छवि भी धूमिल हो रही है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद सिविल विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रिहायशी इलाकों पर कचरा फेंका जा रहा है। समस्या तब और बढ़ जाती है, जब उस कचरे के ढेर में आग लग जाती है या हवा के तेज झोंका से कचरा घरों में आने लगता है।
उनका कहना है कि शहर के एक हिस्से का कूड़ा उठाकर दूसरे हिस्से में फेंक दिया जाता है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। नाराज नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि सिविल विभाग शीघ्र ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया तो वह आंदोलन खड़ा करने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद तत्काल एक व्यवस्थित डंपिंग अड्डा चिन्हित करे, नियमित कूड़ा उठाव की व्यवस्था करे और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करे। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छ शहर की बात तभी सार्थक होगी, जब सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।

