न्यायालय ने दी जमीन धोखाधड़ी मामले में प्रोफेसर को 3 साल की सजा, 25.50 लाख रुपये लौटाने का आदेश……….

Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. कोरबा  जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी करने वाले प्रोफेसर सुरेशचंद्र तिवारी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ सुपर सेशन वारंट जारी किया, जिसके बाद उन्हें सीधे कोर्ट से ही जेल ले जाया गया।

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सजा और जुर्माना– अदालत ने आरोपी को धारा 420 के तहत 3 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही, कोर्ट ने पीड़ित जगदीश मिश्रा के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आदेश दिया है कि वह 16.50 लाख रुपये की मूल राशि और 2016 से अब तक का 6% ब्याज मिलाकर कुल 25.50 लाख रुपये तीन महीने के भीतर वापस करे।

मामले की पृष्ठभूमि– यह मामला साल 2020 में तब शुरू हुआ जब जगदीश मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम की जमीन बताकर 12 डिसमिल भूमि का सौदा किया और 16.50 लाख रुपये ले लिए। रजिस्ट्री होने के बाद जब नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई, तब खुलासा हुआ कि वह जमीन आरोपी के नाम पर थी ही नहीं। पैसे वापस मांगने पर पीड़ित को धमकाया भी गया था।

अदालत का रुख – न्यायालय ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध माना। सुनवाई के दौरान आरोपी की दोषमुक्ति की अपील खारिज कर दी गई, हालांकि सह-आरोपी सुधा तिवारी को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।

 

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