40 लाख गबन की शिकायत से मचा हड़कंप, जांच टीम 20 मई को पहुंचेगी गांव, ग्राम पंचायत गुरसिया का मामला……

Rajesh Kumar Mishra
Rajesh Kumar Mishra
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NOW HINDUSTAN. Korba. पोड़ी उपरोड़ा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुरसिया एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पंचायत के पंचों और ग्रामीणों ने जिला जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर सरपंच पर करीब 40 लाख रुपए की शासकीय राशि में अनियमितता और गबन का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत सामने आते ही जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा ने जांच दल गठित कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

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ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में दावा किया गया है कि पंचायत में स्वीकृत कई निर्माण कार्यों की राशि निकाल ली गई, लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू तक नहीं हुआ। शिकायत में पांच आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य दुकान भवन, माध्यमिक शाला भवन, प्रयोगशाला भवन और कला एवं संस्कृति भवन के निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच कार्यकाल में शुरू हुए निर्माण कार्यों की दूसरी किश्त की लगभग 15 लाख रुपए की राशि भी आहरित कर ली गई, लेकिन मजदूरों और संबंधित पक्षों को भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते कई निर्माण अधूरे पड़े हैं और पंचायत के विकास कार्य ठप हो गए हैं।


निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एक आंगनबाड़ी भवन निर्माण में पुराने और जर्जर भवनों से निकाली गई ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले को कुछ माह पूर्व स्थानीय समाचारों में भी प्रमुखता से उठाया गया था। मामले में सरपंच पति पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्रामसभा में सवाल पूछने पर धमकियां दी जाती हैं और एट्रोसिटी एक्ट में फंसाने की चेतावनी देकर भय का माहौल बनाया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दबाव के कारण कई पंच खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा द्वारा जारी आदेश के अनुसार गठित जांच दल 20 मई 2026 को सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत गुरसिया पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगा। पंचायत सचिव और संबंधित जिम्मेदारों को बचत पासबुक, चेकबुक, बिल-वाउचर, रोकड़वाही पंजी, ग्रामसभा बैठक पंजी सहित निर्माण कार्यों से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में अनुपस्थित रहने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जांच दल में उप अभियंता रवि पद्माकर, सहायक विकास विस्तार अधिकारी रामकुमार लकड़ा तथा सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं कराधान अधिकारी एस.पी. धुवे को शामिल किया गया है। अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।

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