NOW HINDUSTAN. Korba. रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से बीते 5 वर्षों से स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं बाल अधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान देने वाले पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों को मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी श्रेष्ठ रिपोर्टिंग के लिए प्रदेश के 10 पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
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बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील यूनाइटेड नेशन की संस्था यूनिसेफ द्वारा 2020 में इस अवॉर्ड की शुरुआत की गई। एमसीसीआर के सहयोग से छत्तीसगढ़ में शुरू किया गया यह पहला विशिष्ट मीडिया पुरस्कार है। राज्य में बच्चों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों—जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षा पर उत्कृष्ट रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को यह पुरस्कार दिया जाता है।

इन पत्रकारों को किया गया सम्मानित
इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों, उनकी सफलताओं और नवाचारों को विकास के केंद्र में लाना है। बाल-हितों पर प्रकाश डालने और समाज में बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले मीडियाकर्मियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में इस वर्ष जिन पत्रकारों को मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड दिया गया उनमें रूचि पांडेय को डिजिटल मीडिया के लिए,अनुज नहरिया , विक्रम तिवारी, यशवंत चक्रधारी, यशवंत सिन्हा को प्रिंट मीडिया के लिए कुश अग्रवाल को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए, प्रदीप डडसेना, हेमंत गोस्वामी को फोटोग्राफी के लिए और जॉन राजेश पॉल, आर के गांधी, और नारद योगी को रचनात्मक उत्कृष्टता के लिए मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवार्ड – 2026 का थीम ‘बाल अधिकारों के लिए सशक्त मीडिया, सुरक्षित बचपन की दिशा’ रहा, जिसके लिए बड़ी संख्या में इंट्रीज आईं और जूरी द्वारा चयनित श्रेष्ठ रिपोर्टिंग से जुड़े मीडिया कर्मियों को यह अवार्ड दिया गया। पुरस्कार की श्रेणियों में प्रिंट,टेलीविजन और रेडियो, डिजिटल समाचार प्लेटफॉर्म और फोटो-पत्रकारिता शामिल हैं।
राजधानी के होटल सयाजी में आयोजित इस अवॉर्ड समारोह में यूनिसेफ की हेड सीमा कुमार सहित अन्य अतिथियों द्वारा मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नागरिकों को जागरूक बनाने मीडिया की बहुत बड़ी भूमिका है, चाहे वह टीकाकरण से जुड़ा मुद्दा हो या बच्चों के स्वास्थ्य या अन्य कोई विषय। सीमा कुमार ने छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त इलाकों में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि वहां स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना और उनके क्रियान्वयन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ गजेंद्र सिंह ने बताया कि यूनिसेफ मुख्यतः बल अधिकार को लेकर काम करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की बच्चों से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर काम काम करती है।
यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने बाल अधिकार और स्वास्थ्य सुरक्षा में मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
एमसीसीआर के राज्य समन्वयक डॉ डी श्याम कुमार ने यूनिसेफ के सहयोग और प्रेरणा से एमसीसीआर के गठन और अब तक के सफर के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में मीडिया वर्कशॉप के जरिए आज लगभग 700 पत्रकार एमसीसीआर से जुड़े हुए हैं। बच्चों के क्षेत्र काम करने वाले पत्रकारों को पुरस्कृत करने का यह 5 वां वर्ष है।
