पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4 हजार 917 अधिक किसानों ने बेचा धान, 04 लाख 26 हजार 736 क्विंटल से अधिक धान की हुई खरीदी

Rajesh Kumar Mishra
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जिले में जीरो शाॅर्टेज की परंपरा कायम, किसानों से खरीदे गए धान का शत प्रतिशत हुआ उठाव ।

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जिले के किसानों ने 434 करोड़ से अधिक रूपए का बेचा धान

धान खरीदी की व्यवस्थाओं से संतुष्ट किसान, टोकन तुंहर हाथ ऐप और नये खरीदी केंद्रों ने भी दी राहत

कोरबा 16 फरवरी NOW HINDUSTAN धान खरीदी महापर्व के दौरान 01 नवंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक कोरबा जिले के किसानों ने उत्साहित होकर अपना धान समर्थन मूल्य पर समितियों में बेचा। शासन-प्रशासन द्वारा की गई सुनियोजित व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष भी जीरो शाॅर्टेज की परंपरा कायम रही। किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का शत प्रतिशत उठाव किया गया। शत प्रतिशत धान उठाव के मामले में प्रदेश के दो जिलो में कोरबा भी शामिल है। शासन की व्यवस्थाओं से जिले के किसान संतुष्ट रहे। साथ ही टोकन लेने के लिए टोकन तुंहर हाथ मोबाइल ऐप ने भी किसानों को आसानी से टोकन प्राप्त करने में सहुलियत प्रदान की। कलेक्टर श्री संजीव झा के कुशल नेतृत्व में सभी खरीदी केंद्रों में किसानों के सहुलियत के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। कलेक्टर श्री झा धान खरीदी की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाकर समय-समय पर धान खरीदी की समीक्षा कर जरूरी निर्देश विभागों को दे रहे थे। इसी के फलस्वरूप धान खरीदी महाभियान के दौरान जिले में कुल 21 लाख 29 हजार 250 क्विंटल धान की खरीदी हुई। बेचे गए धान के बदले 38 हजार से अधिक किसानों ने 434 करोड़ रूपए से अधिक की राशि प्राप्त की है। सबसे अधिक धान की खरीदी रामपुर उपार्जन केंद्र में हुई। इस केंद्र में किसानों से 70 हजार 632 क्विंटल धान की खरीदी की गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4 हजार 917 अधिक किसानों ने अपना धान सहकारी समितियों में बेचा। पिछले वर्ष के तुलना में इस वर्ष 4 लाख 26 हजार 736 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी हुई। कलेक्टर श्री झा ने सफलता पूर्वक धान खरीदी के कार्य को संपन्न कराने और शत प्रतिशत धान का उठाव सुनिश्चित करने के लिए जिला खाद अधिकारी श्री जे. के. सिंह, सहकारी बैंक नोडल अधिकारी श्री एस. के. जोशी, डीएमओ श्रीमती जान्हवी जिल्हारे, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सहित धान खरीदी में लगे सभी अधिकारी कर्मचारियों को बधाई देकर प्रोत्साहित किया। शासन द्वारा जिले में इस वर्ष खोले गये नवीन धान उपार्जन केंद्रों से भी किसानों को काफी सहूलियत हुई। नये खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को दूर धान बेचने जाने से राहत मिली। जिससे किसानों के पैसे और समय की काफी बचत हुई। इस वर्ष 60 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी धान उपार्जन केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, मेडिकल कीट के साथ-साथ खरीदी के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। इन सब व्यवस्थाओं से जिले के किसान काफी संतुष्ट नजर आये।
सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री एस के जोशी ने बताया कि इस वर्ष जिले के 38 हजार 994 किसानों ने 21 लाख 29 हजार 250 क्विंटल 80 किलो धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। इसमें 20 लाख 54 हजार 626 क्विंटल मोटा और 74 हजार 624 क्विंटल 80 किलो सरना धान शामिल हैं। इस प्रकार जिले के किसानों ने कुल 434 करोड़ 36 लाख 71 हजार 632 रूपए का धान बेचे हैं। इस वर्ष 60 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से किसानों के समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की गई। खरीदे गए सभी धान का शत प्रतिशत उठाव सभी केंद्रो से किया जा चुका है। पिछले वर्ष जिले के 34 हजार 077 किसानों ने 55 धान खरीदी केंद्रो के माध्यम से कुल 17 लाख 02 हजार 514 क्विंटल धान बेचे थे। इसके बदले किसानों को 330 करोड़ 29 लाख 06 हजार 536 रूपए प्राप्त हुए थे। शासन द्वारा किसानों की सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी किए जाने के फलस्वरूप किसान आसानी से अपना धान समर्थन मूल्य पर बेच रहे हैं। साथ ही किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना का भी लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है। जिससे किसान अधिक प्रोत्साहित हो रहे हैं।

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